श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त किया है। अमरनाथ, माता वैष्णो देवी और शिव खोड़ी की पवित्र गुफा-मंदिरों की यात्राएं सोमवार को लगातार दूसरे दिन रोक दी गईं। इस दौरान पुंछ और राजौरी जिलों में भूस्खलन व अचानक आई बाढ़ के कारण करीब 12 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 24 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त कर अलर्ट जारी किया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि रविवार से जारी भारी बारिश और कुछ इलाकों में बादल फटने की घटनाओं के बाद कदम उठाया गया है। जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर और रामबन सहित विभिन्न आधार शिविरों में सैकड़ों श्रद्धालु फंसे हुए हैं।
अमरनाथ यात्रियों को श्रीनगर की ओर बढऩे से रोका गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को बेस कैंप और ठहरने की जगहों पर ही रहने की सलाह दी है और अगली सूचना तक पवित्र स्थलों की ओर जाने की अनुमति नहीं है। कटरा से माता वैष्णो देवी की यात्रा और रियासी जिले में शिव खोड़ी यात्रा भी सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दी गई है; श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपनी यात्रा टालने की अपील की है। भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से सड़कों, मकानों सहित सार्वजनिक एवं निजी बुनियादी ढांचों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजऱ रखे हुए है और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले ताजा जानकारी प्राप्त करें। मौसम में सुधार और सुरक्षा स्थिति के आकलन के बाद ही यात्राएं दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को कश्मीर की ओर जाने से रोका जा सके। आशीष दुबे / 20 जुलाई 2026


