देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, आपदा प्रबंधन तथा खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री इरफान अंसारी ने की। बैठक में मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और महामारी रोकथाम की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि श्रावणी मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों को 24 घंटे निर्बाध स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला अवधि में किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो और सभी व्यवस्थाएं पूरी मुस्तैदी के साथ संचालित हों।
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में कुल 35 स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जाएंगे। इनमें 32 स्वास्थ्य केंद्र चौबीसों घंटे सेवा देंगे, जहां डॉक्टर, पैरामेडिकल कर्मी, ऑक्सीजन, आवश्यक दवाएं और एम्बुलेंस हर समय उपलब्ध रहेंगे। वहीं तपोवन, खरगडीहा और त्रिकुट पहाड़ के तीन स्वास्थ्य केंद्र प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे।
अस्पतालों में बेड और आपातकालीन व्यवस्था मजबूत
अस्थायी मेला अस्पताल के रूप में पुराने सदर अस्पताल में 50 बेड और नए सदर अस्पताल में 100 बेड तैयार रखे गए हैं। इसके अलावा दुम्मा, बीएड कॉलेज, कुमैठा और नेहरू पार्क में 10-10 बेड वाले स्वास्थ्य शिविर बनाए गए हैं। आध्यात्मिक भवन, शिवगंगा, नंदन पहाड़, कोठिया बस स्टैंड, हथगढ़ बस स्टैंड, सुविधा केंद्र, हिंदी विद्यापीठ, बाघमारा बस स्टैंड और गिधनी में पांच-पांच बेड की व्यवस्था रहेगी। बाबा मंदिर और क्यू कॉम्प्लेक्स में दो-दो बेड वाले त्वरित प्राथमिक उपचार केंद्र बनाए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में 21 प्राथमिक उपचार केंद्र भी लगातार सेवा देंगे।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नए और पुराने सदर अस्पताल में 50 बेड आरक्षित रखे गए हैं। साथ ही शहर के निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और आईएमए के सहयोग से 100 अतिरिक्त इमरजेंसी बेड भी बैकअप के रूप में उपलब्ध रहेंगे। डायरिया के मरीजों के इलाज के लिए पुराने सदर अस्पताल स्थित आई हॉस्पिटल के भूतल पर 20 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया गया है।
महामारी रोकथाम और खाद्य सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की त्वरित चिकित्सा सुविधा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 41 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी। इनमें सदर अस्पताल की एम्बुलेंस, टोटो एम्बुलेंस, चलंत चिकित्सा दल और विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में तैनात एम्बुलेंस शामिल हैं। महामारी की रोकथाम के लिए दो विशेष स्वच्छता दल नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर और चूने का छिड़काव करेंगे। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी और मिलावट रोकने के लिए तीन उड़नदस्ता दल तथा नकली और घटिया दवाओं की बिक्री रोकने के लिए दो औषधि निरीक्षक दल तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य राज्यों से आने वाले 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक देने के लिए 21 पल्स पोलियो केंद्र और टीमें भी सक्रिय रहेंगी। बैठक में मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। इसके लिए मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों, दवाओं और एम्बुलेंस की पूरी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ श्रद्धालुओं की सेवा के लिए तैयार है।
बैठक में देवघर विधायक सुरेश पासवान, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सिविल सर्जन तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


