■ दादी श्याम मंदिर रोड स्थित गोदाम में नगर थाना पुलिस की छापेमारी, 35 बंडल वायर बरामद
■ कंपनी के आईपी सेल की शिकायत पर कार्रवाई, संचालक कृष्णा अग्रवाल हिरासत में
■ दिल्ली के वेंडर से खरीद का दावा, असली-नकली की जांच के बाद खुलेगा पूरा राज
ब्यूरो
दुमका : शहर के दादी श्याम मंदिर रोड में क्रॉम्पटन कंपनी के नाम पर कथित तौर पर नकली वायर बेचने का मामला सामने आने से बाजार में हलचल मच गयी है। क्रॉम्पटन कंपनी की शिकायत पर नगर थाना पुलिस ने मां सुशीला ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम में छापेमारी कर 35 बंडल वायर जब्त किए हैं। जब्त वायर की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बतायी जा रही है। कंपनी की ओर से इन वायर को नकली बताया गया है, हालांकि पुलिस की जांच और सत्यापन के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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कंपनी के आईपी सेल की सूचना पर हुई कार्रवाई
बताया गया कि क्रॉम्पटन कंपनी के आईपी सेल के जोनल हेड टोटन चक्रवर्ती की सूचना पर नगर थाना पुलिस ने गोदाम में कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान कंपनी के नाम और पैकिंग वाले 35 बंडल वायर बरामद हुए। पुलिस ने सभी वायर को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त उत्पाद वास्तव में नकली हैं या किसी अन्य तरीके से ब्रांड के नाम का इस्तेमाल किया गया है।
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समर्सिबल मोटर में होता है वायर का इस्तेमाल
कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार बरामद वायर का इस्तेमाल मुख्य रूप से समर्सिबल मोटर में किया जाता है। ऐसे में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर कथित नकली वायर की बिक्री का मामला सामने आने से उपभोक्ताओं की सुरक्षा और बाजार में ब्रांड की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कंपनी की शिकायत के आधार पर पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
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दुकान संचालक हिरासत में, दस्तावेजों की भी होगी जांच
कार्रवाई के बाद मां सुशीला ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर कृष्णा अग्रवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। कंपनी के आईपी सेल के जोनल हेड टोटन चक्रवर्ती ने बताया कि दुकानदार के खिलाफ नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी। पुलिस अब वायर की खरीद से जुड़े बिल, वेंडर की जानकारी और अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी।
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दिल्ली के वेंडर से खरीदने का दावा
इधर, कृष्णा अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वायर दिल्ली के एक वेंडर के माध्यम से खरीदा था। उनका कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वायर असली है या नकली। उन्होंने नकली उत्पाद बेचने के आरोप से खुद को अनजान बताया है।
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जांच रिपोर्ट से साफ होगी तस्वीर
करीब 15 लाख रुपये के वायर की बरामदगी के बाद अब पुलिस की जांच पर सभी की नजर है। जब्त वायर की तकनीकी जांच के साथ खरीद-बिक्री के दस्तावेज और दिल्ली के संबंधित वेंडर के रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। कंपनी की शिकायत और दुकानदार के दावे के बीच जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला वास्तव में नकली उत्पाद की बिक्री का है या इसके पीछे कोई और तथ्य है।


