केंद्र सरकार ने 20 लाख लंबित दावों के निपटारे हेतु पोर्टल दोबारा शुरू किया
नई दिल्ली । सहारा समूह की सहकारी समितियों में फंसे पैसे का इंतजार कर रहे लाखों निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने सहारा रिफंड पोर्टल को दोबारा शुरू किया है, जिससे करीब 20 लाख लंबित दावों की जांच और भुगतान प्रक्रिया तेज होगी। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, अब तक 42 लाख जमाकर्ताओं को 9,267 करोड़ रुपये सीधे आधार-संबद्ध बैंक खातों में लौटाए जा चुके हैं। पहले सहारा समूह की सहकारी समितियों को सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक चुनौतियों के कारण दावों के निपटान में बाधाएं आ रही थीं। सहकारिता मंत्रालय के सक्रिय हस्तक्षेप से अब इन रुकावटों को दूर किया गया है, जिससे शेष पात्र जमाकर्ताओं के दावों पर सुचारू रूप से काम शुरू हो पाएगा।
यह पोर्टल सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी जैसी चार समितियों के जमाकर्ताओं को पैसा लौटाने के लिए है। जुलाई 2023 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई यह ऑनलाइन और कागज रहित प्रक्रिया आधार पहचान, सदस्यता विवरण के मिलान और बैंक खाते के सत्यापन के बाद ही भुगतान सुनिश्चित करती है। नए दावे जमा करने या पहले किए गए आवेदन में सुधार के लिए निवेशकों को केवल आधिकारिक सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। सरकार ने निवेशकों को अनधिकृत वेबसाइटों, एजेंटों और भ्रामक दावों से सावधान रहने की सलाह दी है। समय पर भुगतान के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और सही बैंक जानकारी देना अनिवार्य है।


