देवघर संताल एक्सप्रेस:-आरएन बोस लाइब्रेरी में विजयदशमी के मौके पर देवघर की बंगाली समाज की महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर खेला करके नम आंखों से देती है विदाई। और एक दूसरे को भी महिलाएं सिंदूर लगाती है यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।सिंदूर खेला दुर्गा पूजा के विजयदशमी के दिन खेला जाता है।इस दिन विवाहित महिलाएं मां को लाल सिंदूर चढ़ाती हैं। पान से गाल सेकती हैं। और महिलाएं एक-दूसरे सिंदूर लगाती हैं। ऐसा माना जाता है कि इस अनुष्ठान से वैवाहिक जीवन में हमेशा मां से खुशियों का आशीर्वाद मिलता है। सिंदूर खेला का इतिहास और इसका महत्व बंगाली हिंदू संस्कृति तथा दुर्गा पूजा की समृद्ध परंपराओं से गहराई से संबंधित है।इसके आरंभ का कोई निश्चित प्रमाण उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह एक प्राचीन परंपरा है जो सदियों से चली आ रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को सशक्त और सम्मानित करना है. इसका धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्व है।महिलाएं सिंदूर खेला को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रही थी जिसमें सैकड़ो महिलाएं आर एन बोस लाइब्रेरी मैं सिंदूर खेला करती देखी गई।
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