भारत उन पहले देशों में शामिल हो सकता है, जो अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करेगा
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार शुल्क को लेकर बातचीत की प्रगति का संकेत दिया। उनकी घोषणा ने व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी है। ट्रंप ने यह बयान मिशिगन में होने वाली एक रैली से पहले दिया। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि वह अफ्रीका दौरे की योजना बना रहे हैं और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ बातचीत करने वाले हैं।
एक समाचार एजेंसी ने भारतीय सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया कि केंद्र सरकार अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में एक ऐसा लुभावना प्रस्ताव शामिल करने जा रही है, जिससे यह समझौता भविष्य में भी सुरक्षित बना रहे। सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी अन्य व्यापारिक साझेदार को इससे बेहतर शर्तें न मिलें। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सरकार फॉरवर्ड मोस्ट-फेवर्ड-नेशन क्लॉज शामिल करने पर विचार कर रही है, जिसे पहले के व्यापार समझौतों में केंद्र सरकार ने बहुत कम ही मंजूरी दी है।
इस क्लॉज के तहत अमेरिका को यह सुविधा मिलेगी कि अगर भारत भविष्य में किसी और देश को बेहतर टैरिफ शर्तें देता है, तो वे शर्तें अपने आप अमेरिका पर भी लागू हो जाएंगी।बीते मंगलवार को अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट ने कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत उन पहले देशों में शामिल हो सकता है, जो अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करेगा। इसी सेंटीमेंट को अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हावर्ड लुटनिक ने भी दोहराया।


