निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक
प्रशिक्षण से सुरक्षा तक तैयारियां अंतिम चरण में
रांची: झारखंडवासियों को जल्द ही स्थानीय निकायों में नई जनप्रतिनिधियों के चुनाव की तारीख मिल सकती है। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर दी है। गुरुवार को चुनाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में गृह सचिव, डीजीपी, नगर विकास सचिव समेत सभी जिलों के डीसी और एसपी शामिल हुए। समीक्षा बैठक में कुछ जिलों की ओर से रिपोर्ट नहीं भेजने पर निर्वाचन आयुक्त ने असंतोष जताया और तुरंत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं, सरायकेला-खरसावां, दुमका और गोड्डा जिलों में मतपेटिकाओं की उपलब्धता, आवश्यक मरम्मत और स्थिति से संबंधित रिपोर्ट अब तक प्राप्त नहीं होने पर निर्वाचन आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने जल्द से जल्द इसे पूरा करने का निर्देश दिया। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की उपलब्धता व अतिरिक्त आवश्यकता का आकलन कर आवश्यक बल मुहैया कराने पर सुझाव चर्चा हुई। नगर विकास एवं आवास विभाग को मतदान हेतु आवश्यक राशि का आकलन कर जिलों से व्यय की मांग लेने के निर्देश दिए गए।
निर्वाचन कर्मियों, पदाधिकारियों का दिया जायेगा प्रशिक्षण
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। लगभग तैयारियां पूरी हो गई हैं। अधिकतर जिलों में निर्वाचन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचन पदाधिकारी नामित किए जा चुके हैं। जल्द ही आयोग की ओर से आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिलहाल जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण देने की तैयारी हो रही है। इसके लिए अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। निर्वाचन कर्मियों, निर्वाची पदाधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य अधिकारियों का प्रशिक्षण इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव कराने को लेकर आयोग पूरी तरह सक्रिय है। यदि कोई तकनीकी बाधा नहीं आती है, तो नगर निकाय चुनाव मार्च से पहले संपन्न होने की पूरी संभावना है।
एसआइआर के बीच होगा चुनाव
सचिव ने कहा कि राज्य में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रारंभ होने वाला है। राज्य में एसआइआर की प्रक्रिया में दो माह लग जायेंगे। इसलिए एसआइआर के बीच नगर निकाय चुनाव होगा। एसआइआर का कोई असर चुनाव में नहीं होगा। झारखंड विधानसभा के चुनाव में प्रकाशित मदताता सूची के आधार पर नगर निकाय चुनाव कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि मेयर और अध्यक्ष पदों के आरक्षण को जल्द अंतिम रूप देकर सार्वजनिक किया जाएगा।


