नई दिल्ली । कारगिल युद्ध के महानायक, परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर मंगलवार को पूरे देश ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित केंद्र सरकार के कई मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य राजनीतिक नेताओं ने कारगिल के ‘शेरशाह’ के नाम से विख्यात इस वीर सपूत के अदम्य साहस, अद्वितीय नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा का जीवन और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति का अमिट आदर्श है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान दुर्गम पर्वतीय चोटियों पर कैप्टन विक्रम बत्रा ने असाधारण साहस, निडर नेतृत्व और अटूट राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा सदैव देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देती रहेगी।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दुर्गम चोटियों पर विजय प्राप्त कर दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर करने वाले परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा का अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अप्रतिम पराक्रम उन्हें ‘शेरशाह’ के रूप में अमर बनाता है। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के प्रति उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा की शौर्यगाथा युगों-युगों तक देश की भावी पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देती रहेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर वीरता की ऐसी अमिट मिसाल स्थापित की, जो प्रत्येक भारतीय को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। उनका अमर बलिदान भारत के गौरव और तिरंगे की आन, बान और शान का शाश्वत प्रतीक है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मां भारती की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले इस वीर सपूत का अद्वितीय शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति सदैव देशवासियों को कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा ने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन की दुर्गम चौकियों पर विजय प्राप्त की और भारतीय सेना के शौर्य का परचम लहराया। उनका जीवन युवाओं को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ने और सशक्त, सुरक्षित तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर कैप्टन विक्रम बत्रा शत्रुओं पर काल की भांति टूट पड़े और मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका शौर्य और पराक्रम सदैव राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा का संचार करता रहेगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कहा कि उनका अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से भारत माता की रक्षा करते हुए अमरता प्राप्त की। देश उनके शौर्य और बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।
हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में जन्मे कैप्टन विक्रम बत्रा भारतीय सेना की 13 जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स के अधिकारी थे। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में अग्रिम मोर्चे पर रहकर नेतृत्व किया। प्वाइंट 5140 पर विजय प्राप्त करने के बाद उनका प्रसिद्ध उद्घोष ‘ये दिल मांगे मोर’ पूरे देश में विजय, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया। इसके बाद प्वाइंट 4875 पर कब्जा करने के अभियान में उन्होंने अपने साथियों का नेतृत्व करते हुए अद्वितीय वीरता का परिचय दिया और 7 जुलाई 1999 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
कैप्टन विक्रम बत्रा के असाधारण शौर्य, अद्वितीय नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनके बलिदान के 27 वर्ष बाद भी कैप्टन विक्रम बत्रा भारतीय सेना के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक बने हुए हैं तथा उनका जीवन करोड़ों भारतीयों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


