एक दिन पूर्व एक बाल मजदूर छत से गिरकर हुआ था घायल
अमित सिंह
साहिबगंज-मालदा रेल मंडल के साहिबगंज जिला मुख्यालय के नॉर्थ कॉलोनी स्थित रेलवे अधिकारी विश्राम गृह में सौंदर्यकरण का कार्य संबंधित संवेदकों के द्वारा नियमो को ताख पर रखकर कराया जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार रेलवे अधिकारी विश्राम गृह का सौंदर्यकरण का कार्य पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के धुलियान उमरपुर के संवेदक अमीरूल इस्लाम को रेलवे के द्वारा दिया गया है. संवेदक के द्वारा लगभग एक माह से रेलवे के वरीय अधिकारियों की आंखों में धुल झोंककर पश्चिम बंगाल के अर्जुनपुर,धुलियान सहित अन्य इलाकों के कई बाल मजदूरों से खुलेआम मजदूरी करवा जा रहा हैं. जो बाल श्रम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहा है. बताते चले कि एक दिन पूर्व ही एक रेलवे अधिकारी विश्राम गृह में सौंदर्यकरण कार्य में लगे बाल मजदूर छत से गिरकर घायल हो गया था.घायल बाल मजदूर का इलाज साहिबगंज सदर अस्पताल में किया गया.
मिली जानकारी के अनुसार रेलवे अधिकारी विश्राम गृह में सौंदर्यकरण का काम कर रहे बाल मजदूरों से मुंशी के तौर पर काम करा रहे फित्तुर शेख सभी बाल मजदूरों से 12 फीट ऊंची दीवार पर चढ़वा कर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के छत तोड़वा रहा है. वही अधिकारी विश्राम गृह में काम करने वाले बाल मजदूरों से जब बात की गई तो काम कर रहे बाल मजदूरों ने बताया कि हमलोगों पिछले एक माह से यहां काम कर रहे हैं. हमलोगो को मजदूरी के तौर पर खाना खिलाकर नौ हजार रुपया मेहनताना मिलता है. संवेदक एवं इस कार्य को देखने वाले रेलवे के स्थानीय वरीय अधिकारी अपनी आंखे बंद कर उम्र के बच्चों को मजदूर के रूप में रखकर उनसे मजदूरी का काम करा रहे हैं. वही इस मामले में जब रेलवे के एईन से उनके मोबाइल फोन नंबर 9771424220 पर बात करते हुए जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो संबंधित विभाग के वरीय अधिकारी ने पूरे मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही. वही पश्चिम बंगाल के इन बाल मजदूरों से खुलेआम बाल मजदूरी कराने का यह मामला कहीं न कहीं बाल श्रम कानून व्यवस्था पर कई बड़े सवाल कर रहा है.


