जीडीपी ग्रोथ अनुमान भी 6.9 प्रतिशत से घटकर 6.6 प्रतिशत, रेपो रेट नहीं बदला
मुंबई । रिजर्व बैंक ने नए वित्त वर्ष की दूसरी मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है। इसे 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। इससे लोन महंगे नहीं होंगे और ईएमआई नहीं बढ़ेगी। वहीं 2027 में महंगाई के अनुमान को 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार 5 जून को इसकी जानकारी दी। ग्रोथ का अनुमान घटाया: वेस्ट एशिया (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव और सप्लाई चेन में रुकावटों के चलते आरबीआई ने आर्थिक विकास दर यानी जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है। अब चालू वित्त वर्ष-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया गया है। स्टांस न्यूट्रल रखा: महंगाई के बढ़ते जोखिमों के बावजूद मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी ने अपनी नीति का रुख न्यूट्रल (तटस्थ) बनाए रखने का फैसला किया है। कमेटी स्थिति पर नजर रखते हुए डेटा के आधार पर आगे कदम उठाएगी।
महंगाई को लेकर चिंता: गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि हालांकि रिटेल महंगाई अभी टारगेट के दायरे में है, लेकिन वैश्विक तनाव के कारण फ्यूल (ईंधन) और एनर्जी की बढ़ती कीमतें आगे चलकर खुदरा बाजार और आम जनता की जेब पर दबाव डाल सकती हैं। कमजोर मानसून का डर: पश्चिम-दक्षिण मानसून में कमी (कम बारिश) के अनुमान को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसका सीधा असर खेती-किसानी की पैदावार और ग्रामीण इलाकों में मांग पर पड़ सकता है। हालांकि, सरकार की फसल विविधीकरण यानी डायवर्सिफिकेशन जैसी योजनाएं इसके असर को कम करने में मदद करेंगी। सर्विस सेक्टर मजबूत: अच्छी बात यह है कि घरेलू आर्थिक गतिविधियां अब भी मजबूत बनी हुई हैं। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर है और जीएसटी रेशनलाइजेशन व स्थिर रोजगार के चलते शहरी क्षेत्रों में कंजम्पशन (खपत) को सहारा मिल रहा है।
विदेशी कैपिटल के लिए नए उपाय: गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के तहत फुली एक्सेसिबल रूट का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब इसमें 10 साल तक के अलावा 15, 30 और 40 साल की अवधि वाले नए सरकारी बॉन्ड्स को भी शामिल किया जाएगा। पब्लिक सेक्टर कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग को बढ़ावा देने के लिए 13 सितंबर 2026 तक रियायती फॉरेक्स स्वैप की सुविधा दी जाएगी।


