जितेन्द्र दास
संताल एक्सप्रेस
पाकुड़ । शहरी अस्पतालमें स्थित ब्लड बैंक में 300 यूनिट ब्लड रखने की क्षमता है। शनिवार को लगभग 12 बजे ब्लड बैंक पहुँचने पर पता चला कि फिलहाल ब्लड बैंक में मात्र 14 यूनिट ही ब्लड है। इसमे ए पॉजिटिव तीन यूनिट ओ पॉजिटिव 10 यूनिट ब्लड है। वही बी नेगेटिव एक यूनिट है। बस इन्ही 14 यूनिट ब्लड पर जिले की पूरी आबादी की निर्भरता टिकी हुई है। नेगेटिव ग्रुप एक यूनिटी ब्लड है ।यदि मरीजो को नेगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ जाए तो उन्हें भारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मिली जानकारी के अनुसार जिले में थैलसीमिया के लगभग 50 मरीज है। जिन्हें सप्ताह या पखवाड़े में एक बार ब्लड की जरूरत पड़ती है। इसके अलावे प्रसूता महिला ,सड़क दुर्घटना में जख्मी सहित अन्य मरीज को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता Back। ब्लड बैंक में ब्लड की जरूरत के हिसाब से ब्लड की उपलब्धता कम रहती है। नतीजतन मरीज की जान बचाने के लिए परिजनों को इधर -उधर भटकना पड़ता है। इस सम्बंध मे ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ मनीष कुमार ने बताया कि क्षमता के अनुसार ब्लड का संग्रहण नही हो पाता है, डोनर भी नही मिल पाते है। शहर में कुछ ऐसी संस्थाएं है जो कि ब्लड डोनेट करती है। जिस कारण ब्लड बैंक में ब्लड समय पर उपलब्ध रहता है।
क्या कहते है आमलोग व संस्था के लोग
जिले में थैलीसीमिया और अन्य मरीजों के इलाज में ब्लड की जरूरत पड़ती रहती है ऐसे में हम सभी हिरणपुर के युवा आगे रहते है। अन्य कई संस्थाएं भी ब्लड डोनेशन के लिए हमेशा तैयार रहती है।
चंदनभगत ,युवा हिरणपुर( पाकुड़ )
जिले में जब भी किसी को ब्लड की जरूरत पड़ती है तो फाउंडेशन उनकी मदद के सामने आती है। संस्था के सदस्य ब्लड डोनेशन को हमेशा तैयार रहते है।
बानिज शेख, सचिव इंसानियत फाउंडेशनपाकुड़
थैलसीमिया के मरीज या अन्य मरीजो को जब जी ब्लड की जरूरत पड़ती है तो हमारे संस्था के द्वारा हर समय खड़ा होकर मरीजो के लिए हमारे सदस्य ब्लड डोनेशन को तैयार रहते है।
रंजीत कुमार चौबे ,अध्यक्ष सत्य सनातन संस्था पाकुड़
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