लखनऊ । यूपी में एसआईआर की ड्राफ्ट लिस्ट जारी हो गई है। इसमें 2.89 करोड़ (18 फीसदी) नाम कट गए हैं। पहले प्रदेश में 15.44 करोड़ वोटर थे, अब 12.55 करोड़ मतदाता बचे हैं। अब लोग चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। जिन लोगों के नाम नहीं हैं, वे 6 फरवरी तक दावे-आपत्तियां कर सकते हैं। फॉर्म 6 या 7 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। दावे के लिए फॉर्म 6 और आपत्ति के लिए फॉर्म 7 भरे जाएंगे। इसकी फीस नहीं लगेगी। आयोग ने हेल्पलाइन नंबर- 1950 जारी किया है, जहां सहायता ली जा सकती है। शहरी क्षेत्रों में कम सहयोग को देखते हुए आयोग ने विशेष कैंप लगाने की योजना बनाई है। 6 मार्च 2026 को अंतिम सूची जारी की जाएगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि जिनका फॉर्म मिला है, उनकी मैपिंग नहीं है। उन्हीं को नोटिस दिया जाएगा।
91 प्रतिशत से अधिक मैपिंग हुई है। करीब 9 प्रतिशत लोगों को मैपिंग के लिए नोटिस जाएगा। 1.4 करोड़ ऐसी संख्या है। 6 मार्च 2026 को अंतिम सूची जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों ने 5766211 बूथ एजेंट तैनात किए गए थे। एक महीने तक दावा और आपत्ति अवधि शुरू हो रही है। 6 जनवरी से 6 फरवरी तक कर सकेंगे। 6 जनवरी से नोटिस भी दिया जाना शुरू किया जा रहा है। जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी। 11 राज्यों से हटे थे 3.69 करोड़ नाम यूपी से पहले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आ चुकी है। इनमें 3.69 करोड़ वोटर्स के नाम हटे हैं।
मध्यप्रदेश में 42.74 लाख, छत्तीसगढ़ में 27.34 लाख, केरल में 24.08 लाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 3.10 लाख वोटर्स, पश्चिम बंगाल में 58.20 लाख, राजस्थान में 41.85 लाख, गोवा में 11.85 लाख, पुडुचेरी में 1.03 लाख, लक्षद्वीप में 1,616, तमिलनाडु में 97 लाख, गुजरात में 73 लाख वोटर्स के नाम कटे हैं।
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टीएमसी पहुंची सुप्रीम कोर्ट : ममता बोलीं, एसआईआर भाजपा आईटी सेल के मोबाइल-ऐप्स से हो रहा
गंगासागर । पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया में भाजपा की आईटी सेल के बनाए मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा है। बनर्जी ने मंगलवार को साउथ 24 परगना जिले के सागर आइलैंड में कहा कि चुनाव आयोग एसआईआर करने के लिए हर तरह के गलत कदम उठा रहा है। यह एलिजिबल वोटर्स को मरा हुआ बता रहा है और बुजुर्ग और बीमार लोगों को सुनवाई में आने के लिए मजबूर कर रहा है। बनर्जी ने कहा कि लोग एसआईआर में हिस्सा लेते समय सावधान रहें। उन लोगों की मदद करनी चाहिए जिन्हें मदद की जरूरत है। उन्हें मेरा साथ देने की जरूरत नहीं है, सिर्फ उनका साथ दें जो इस काम की वजह से मुश्किल में हैं। वहीं पार्टी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है, जिसमें कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में चल रहे एसआईआर को करने के लिए मनमानी और प्रोसेस में गलत कामों का सहारा लिया है।


