दुमका : न्याय की चौखट तक पहुँचने की राह शनिवार को हजारों लोगों के लिए सुगम और सुखद रही। झालसा रांची और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुधांशु कुमार शशि के कुशल मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित इस न्याय मेले ने न केवल विवादों को सुलझाया, बल्कि 31 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का समझौता कराकर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विवेक कुमार के अनुसार, इस अभियान को सफल बनाने के लिए कुल पाँच विशेष बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों में प्रधान न्यायाधीश, जिला न्यायाधीश और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जैसे वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों के साथ अनुभवी अधिवक्ताओं ने मिलकर मुकदमों का निपटारा किया। पारिवारिक विवादों से लेकर बैंक रिकवरी और दुर्घटना दावों तक, न्याय की इस बयार ने हर वर्ग के लोगों को राहत पहुंचाई।
————-
पाँच बेंचों ने मिलकर लिखी न्याय की नई इबारत
लोक अदालत के दौरान बेंच नंबर एक में योगेश्वर मनी, बेंच नंबर दो में प्रकाश झा, बेंच नंबर तीन में अनूप तिर्की, बेंच नंबर चार में मोहित चौधरी और बेंच नंबर पांच में नीलमणि मराण्डी की अध्यक्षता में त्वरित सुनवाई की गई। इस सामूहिक प्रयास का परिणाम यह रहा कि कुल 13,263 वादों का आपसी सहमति के आधार पर निष्पादन किया गया। इसमें 31,49,54,313/- रुपये की रिकॉर्ड राशि का समझौता हुआ, जो पक्षकारों के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत साबित हुआ।
———
जागरूकता का संदेश और विधिक जानकारी का प्रसार
सिर्फ मुकदमों का निपटारा ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए अदालत परिसर में एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया। यहाँ विभिन्न गांवों से आए ग्रामीणों को कानूनी पुस्तकों और पंपलेट्स का वितरण किया गया ताकि वे भविष्य में कानूनी उलझनों से बच सकें और अपने अधिकारों को जान सकें। एमएसीटी, सिविल और क्रिमिनल अपील, माइनिंग केस, उपभोक्ता फोरम और प्री-लिटिगेशन जैसे जटिल मामलों के समाधान के साथ यह लोक अदालत क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित हुई।


