पीएम सूर्य घर योजना से करीब 20 लाख नौकरियों का सृजन होगा
गांधीनगर | गुजरता की राजधानी गांधीनगर के महात्मा मंदिर में चौथे ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट और एक्सपो का उद्घाटन किया और इस कार्यक्रम को इसे ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नीति निर्माण के भविष्य पर चिंतन का उत्सव बताया| साथ ही कहा कि एक-दूसरे के अनुभव पर आधारित यह विचार-मंथन वैश्विक मानवता के कल्याण के लिए फायदेमंद होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 60 साल बाद जनता ने लगातार तीसरी बार किसी सरकार को सत्ता की कमान सौंपी है, जो दिखाता है कि 140 करोड़ नागरिकों को सरकार पर भरोसा है| केंद्र सरकार के पिछले 10 वर्षों के सुशासन में देश के युवाओं और महिलाओं की आकांक्षाओं को जो पंख लगे हैं, उससे नई दिशा में उड़ान भरने की प्रेरणा मिलेगी। देश के गरीबों, दलितों, शोषितों, पीड़ितों और वंचितों को उम्मीद है कि उनके सम्मानपूर्ण जीवन की नींव बनेगी। पूरा देश आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने के संकल्प के साथ काम कर रहा है। आज का आयोजन 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के दृष्टिकोण की ओर बढ़ने का दृढ़ संकल्प है, जो सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में परिलक्षित होता है।
सोलर रूफटॉप के लिए पीएम सूर्य घर एक अनूठी योजना है, जो हरित परिवर्तन को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण साधन साबित होगी। पीएम सूर्य घर योजना परिवारों के वित्तीय बोझ को कम करेगी और पर्यावरण को संरक्षित करते हुए हर घर को बिजली उत्पादक बनाएगी। इस योजना के तहत अब तक 1.30 करोड़ परिवारों ने पंजीकरण कराया है। जिनमें से लगभग सवा तीन लाख घरों में सोलर रूफटॉप पैनल लगाने का काम पूरा हो चुका है| उन्होंने कहा कि एक छोटा परिवार प्रति माह लगभग 250 यूनिट बिजली की खपत करता है| जिसके मुकाबले सौर छत स्थापना के साथ परिवार प्रति माह 100 यूनिट बिजली पैदा कर इसे पावर ग्रिड को देकर वार्षिक 25,000 रुपए की बचत कर सकते हैं| यह बचत यदि पीपीएफ खाते में 25,000 रुपये जमा किए जाए तो 20 साल बाद यह राशि लगभग 10 से 12 लाख रुपये हो जाएगी, जो एक सामान्य परिवार को बच्चों की शिक्षा और शादी जैसे आयोजनों में मदद करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना न केवल बिजली पैदा करेगी, बल्कि पर्यावरण की रक्षा और रोजगार सृजन का एक विशेष माध्यम होगी। इस योजना से करीब 20 लाख नौकरियां पैदा होंगी| इस योजना के तहत देश के 3 लाख युवाओं को हुनरमंद बनाया जाएगा। साथ ही उत्पादित प्रत्येक 3 किलोवाट बिजली से 50 से 60 टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसलिए पीएम सूर्य घर योजना से जुड़ने वाला हर परिवार जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी बहुत बड़ा योगदान देगा।


