डिजिटल युग में पत्रकारिता की भूमिका और चुनौतियां विषयक संगोष्ठी आयोजित
दरभंगा । राजनीतिक चिंतक सह विश्लेषक डॉ. प्रभात नारायण झा ने डिजिटल युग की पत्रकारिता को सरोकार के साथ प्रचार का सशक्त माध्यम बताया और कहा कि मीडिया का उपयोग अब जनमत बनाने में नहीं बल्कि जनमत को नियंत्रित करने मे हो रहा है। डॉ. झा स्वर्गीय राम गोविंद प्रसाद गुप्ता की 89वीं जयंती के अवसर पर रविवार को सागर सभागार में आयोजित “डिजिटल युग में पत्रकारिता की भूमिका और चुनौतियां” विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। न्होंने कहा कि पत्रकारिता का ध्येय-उद्देश्य सब बदल गया है। अब इसका वास्ता सिर्फ सरोकार से नहीं रह गया है बल्कि यह प्रचार का भी सशक्त माध्यम है।
अत्यधिक डिजिटल माध्यम के उपयोग से लोगों की चेतना प्रभावित हो रही हैं और विचारधाराओं में परिवर्तन हो रहा है। इससे बचाव की जरूरत है। इसके लिए सामाजिक संस्थानों, मीडिया एवं बुद्धिजीवियों को पहल करनी होगी। पत्रकार संतोष सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में पत्रकारिता भरोसे के संकट से जूझ रही हैं। खबर देखकर लोगों को यकीन नहीं होता है। लोग उसकी पुष्टि पत्रकारिता के दूसरे माध्यम से करते है। इस विषम स्थिति के बावजूद डिजिटल युग की पत्रकारिता स्थापित हो चुकी हैं। भले ही विश्वसनीयता की कमी हो पर व्यापकता की वजह से इसने प्रिंट एवं दृश्य दोनों मीडिया को प्रभावित किया है।
श्री सिंह ने फेक न्यूज के लिए राजनीतिक दलों को जिम्मेवार करार दिया और कहा कि विभिन्न राजनीति दलों के प्रतिनिधियों ने आईटीसेल बना रखा है। जो अपने दलहित में फेंक न्यूज का प्रसारण करते हैं। फेक न्यूज के कारण ही डिजिटल मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहा है। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र तभी तक स्वस्थ है जबतक पत्रकारिता स्वतंत्र है। स्वतंत्र पत्रकारिता ही सत्ता को चुनौती दे सकती हैं। इसलिए डिजिटल युग की पत्रकारिता को विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता है। जदयू विधायक डा. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि डिजिटल मीडिया ने हर व्यक्ति को पत्रकार बना दिया है। खबरों का प्रसार तेज गति हो रहा है पर आमलोगों को आज भी भरोसा प्रिंट मीडिया पर ही हैं।
जिसका कारण डिजिटल मीडिया पर भ्रामक खबरों का प्रसारण है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि डिजिटल मीडिया दोधारी तलवार सदृश्य है। इसका जिस तरीके से इस्तेमाल होगा परिणाम वैसा ही सामने आएगा। डॉ. प्रेम मोहन मिश्रा, पर्यावरणविद् डॉ. विद्यनाथ झा, मनोवैज्ञानिक डॉ. गौरी शंकर राय , डॉ़ ए के गुप्ता आदि ने भी संबोधित किया। संगोष्ठी का संचालन प्रो.सतीश सिंह ने किया। जबकि अतिथियों का स्वागत पत्रकार प्रदीप कुमार गुप्ता ने किया। विषय प्रवेश डॉ. रामचंद्र चंद्रेश और धन्यवाद ज्ञापन प्रमोद गुप्ता ने किया।
इस खबर को भी पढ़े : एनडीए में टिकट बंटवारे का फार्मूला तय
इस खबर को भी पढ़े : बाबा सिद्दीकी ने शाहरुख-सलमान की दुश्मनी खत्म कर दोस्ती करवाई थी


