साहिबगंज /बोरियों झारखंड शिक्षा परियोजना के तहत सरकार लाख वादे कर ले लेकिन धरातल में सभी योजनाओं दम तोड़ देते है, प्रखंड के कई विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था मानों भगवान भरोसे है, आए दिन अखबारों में ख़बर प्रकाशित होने के वावजूद विभागीय कारवाई व व्यवस्था में सुधार नहीं होना कई सवालों का जन्म देता है, हमारी टीम की पड़ताल में शुक्रवार को प्रखंड के कई विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या कम है तो कही छात्रों की उपस्थिति कम है तो कही मिड डे मिल ही नहीं बनता है। प्राथमिक विद्यालय में बड़ा रक्सो में मिड डे मिल नहीं बनने के कारण उपस्थिति भी कम रहती है। पूछने पर प्रधानाध्यपक ने बताया रसोइया के बीमार होने के वजह से शुक्रवार को मिड डे मिल नहीं बन पाया है। वही उर्दू प्राथमिक विद्यालय में सैकड़ों छात्रों के लिए मात्र एक महिला शिक्षिका है। जिससे ब्लॉक व अन्य स्कूली कामों के लिए प्रखंड संसाधन केंद्र जाने पर विद्यालय रसोईया के भरोसे चलता हैं। उत्क्रमित मध्य विद्यालय छोटा केन्दुआ में तीन शिक्षकों पर 178 छात्रों को शिक्षा देने की जिम्मेदारी है। प्रखंड क्षेत्र ऐसे दर्जनों विद्यालय है जहां एकल शिक्षक हैं। विद्यालय में शिक्षक की कमी के कारण बच्चों को असर पड़ रहा है। बच्चों को सही रूप से शिक्षा मिल नही पाती है।
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