गोड्डा : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल के ओपीडी के समक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया ।इस दौरान चिकित्सकों ने मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की पहचान करने तथा इलाज कराने की सलाह दी। मौके पर सदर अस्पताल के चिकित्सका पदाधिकारी डॉक्टर जुनैद आलम ने कहा कि ऐसा वर्तमान सामाजिक परिस्थिति में देखने को मिल रहा है कि छोटी-छोटी बात पर युवक, किशोर किशोरी जान तक देने पर उतारू हो जाते है। इससे बचने के लिए अपने बच्चों पर विशेष ध्यान दें। अगर बच्चे या किशोर किशोरियों के स्वभाव में परिवर्तन हो रहा हो, अधिक उग्र हो जाता हो, छोटी-छोटी बातों को लेकर हर्ट करता हो तथा असाधारण व्यवहार करने लगा हो तो ऐसी स्थिति में वह मानसिक रूप से बीमार हो सकते है। इसे चिकित्सक के पास ले जाएं और चिकित्सा कराएं। दिनो दिन मानसिक रूप से बीमार लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।सरकार भी जिला स्तर पर मानसिक चिकित्सक को बहाल करने की योजना बना रही है। चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर डीके ठाकुर ने कहा कि कोई भी बीमारी छोटी नहीं होती है। डॉक्टर के पास ले जाएं और खुल कर बात करें। बात छुपाने से मर्ज का पता नहीं चलता है ।छोटी बीमारी से ही बीमारी बढ़ जाती है जो फिर जी का जंजाल हो जाता है। मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के साथ भी यही बात लागू है। इसलिए व्यवहार व
चाल ढाल से अगर आपको शक हो रहा हो तो बिना देर किए उसे मानसिक चिकित्सक के पास ले जाकर सलाह लें। सीनियर पीएलवी नवीन कुमार, इंतेखाब आलम, बासुदेव मणि नंदन, जायसवाल मांझी आदि ने कहा कि मानसिक रोगियों के प्रति समाज को सहानुभूति बरतने की जरूरत है। अगर कहीं भी यत्र तत्र मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति कुछ ऐसा असहज करें तो उसके प्रति क्रूरता बरतने की वजाय उसे इलाज की दिशा में पहल करें। इससे समाज का भला हो सकेगा। सरकार के पास भी मानसिक रोगियों के इलाज की व्यवस्था है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर भी संपर्क किया जा सकता है। कहा कि मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के इलाज का दायित्व उसके अभिभावक यस्वजन पर है। इसमें लापरवाही बरतने पर कानूनी रूप से वह दंड का भागी बन सकता है। मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति का अगर कोई नहीं है तो उसकी संपत्ति के लिए जिला प्रशासन व न्यायालय संरक्षक बहाल करेगा तथा उसके इलाज की व्यवस्था करेगी। मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति अगर इधर-उधर घूमता पाया जाता है तो नजदीकी पुलिस स्टेशन के पदाधिकारी का दायित्व कि उसे नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाएं और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की जानकारी दी गई। मौके पर प्रवीण कुमार, एसपी मिश्रा, मनोज महतो, संजय सिंह सहित ग्रामीण, मरीज, परिजन आदि मौजूद थे।
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