रांची । झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में हुए टेंडर घोटाला मामले के आरोपित अधिशाषी अभियंता (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर) संतोष कुमार ने बुधवार को रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के तुरंत बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। अदालत ने संतोष कुमार को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देते हुए पासपोर्ट जमा करने और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने की शर्तें लगाई हैं।
दरअसल, इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में प्रमोद कुमार सहित 14 अन्य आरोपितों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया है। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपितों के खिलाफ समन जारी कर दिया है। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब तक कई आरोपित आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें जमानत मिल चुकी है।
उल्लेखनीय है कि संतोष कुमार पर कमीशन वसूली और उसके बंटवारे की पूरी चेन में शामिल होने का आरोप है। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के आप्त सचिव संजीव कुमार लाल के निर्देश पर कमीशन के रूप में लगभग 20 करोड़ रुपये की वसूली की।
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