पटना । गंगा नदी में अफ्रीकी कैटफिश और अन्य विदेशी प्रजातियों की मछलियों का बढ़ना एक गंभीर चिंता का विषय है। ये मछलियां बाढ़ के दौरान नदी में प्रवेश कर रही हैं और देसी मछलियों के लिए खतरा बन रही हैं। अफ्रीकी कैटफिश और नील तिलापिया जैसी विदेशी मछलियां गंगा में फैल रही हैं। ये मछलियां बाढ़ के पानी के साथ बहकर आती हैं और देसी मछलियों के लिए खतरा पैदा करती हैं। ये विदेशी मछलियां बहुत तेजी से बढ़ती हैं और देसी मछलियों के मुकाबले जल्दी प्रजनन करती हैं, जिससे इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। विदेशी मछलियां देसी मछलियों का भोजन, ऑक्सीजन और रहने की जगह छीन लेती हैं। यह देसी मछलियों के जीवित रहने और बढ़ने की क्षमता को सीधे प्रभावित करता है। ये विदेशी मछलियां, खास तौर पर अफ्रीकी कैटफ़िश, देसी मछलियों और उनके अंडों को खा जाती हैं, जिससे देसी मछलियों की संख्या में भारी गिरावट आ रही है। बाढ़ के कारण नदी में आने वाला प्रदूषण भी जलीय जीवों के लिए हानिकारक है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन से पानी के तापमान और बहाव में बदलाव भी इन विदेशी प्रजातियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना सकता है।
यह स्थिति गंगा की पारिस्थितिकी के लिए एक बड़ा खतरा है। देसी मछलियों की संख्या में गिरावट न केवल नदी के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ रही है, बल्कि उन मछुआरों की आजीविका को भी प्रभावित कर रही है जो इन देसी मछलियों पर निर्भर हैं। इस समस्या से निपटने के लिए मत्स्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को कदम उठाने की जरूरत है ताकि गंगा के जलीय जीवन को बचाया जा सके।
बाढ़ और प्रदूषण का दोहरा प्रहार
विशेषज्ञों का मानना है कि बाढ़ के साथ आने वाली ये विदेशी मछलियां तो खतरा हैं ही, साथ ही बाढ़ का पानी अपने साथ औद्योगिक कचरा और अन्य प्रदूषक भी लाता है। इससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है और देसी मछलियों के लिए जीवनयापन और भी मुश्किल हो जाता है। जलमार्गों में आए बदलाव और जलवायु परिवर्तन भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं।
इससे पहले गंगा में कॉमन कार्प मछली की वजह से कई देसी प्रजातियां लुप्त हो चुकी हैं। मत्स्य विभाग और स्थानीय मछुआरे इस बार फिर से बाढ़ के मौसम को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि इससे और भी विदेशी मछलियां गंगा में प्रवेश कर सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इन आक्रामक प्रजातियों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो गंगा की मूल मछलियों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।


