लोगो को शक ना हो इसलिए बिस्कुट व कपड़े के कार्टून में पैक रहता है अवैध लॉटरी
संताल एक्सप्रेस संवाददाता
साहिबगंज – साहिबगंज जिला मुख्यालय सहित प्रखंड क्षेत्रों में अवैध लॉटरी का कारोबार दीमक की तरह फैल चुका है.साथ ही इस कारोबार को संचालित करने में साहिबगंज के तीन से चार प्रमुख लोगो के अलावे सैकड़ों लोग शामिल है.जो गरीबों व युवाओं का जमा-पूंजी व जेब के पैसों पर डाका डाल रहे है. अवैध लॉटरी के कारोबार से जुड़े व्यक्ति के अनुसार अवैध छपाई लॉटरी के कारोबार में पवन झुनझुनवाला का नेटवर्क के अलावे साहिबगंज में भी उनका कारोबार को संभालने के लिए कई लोग है जो उनके लिए काम करते है.बताया कि
अवैध लॉटरी की छपाई तो अवैध लॉटरी के कारोबारी
पवन झुनझुनवाला का गैंग झारखंड के किसी जिले में गुप्त तरीके से करता है.लॉटरी की छपाई हो जाने के बाद लॉटरी की खेप दुमका से साहिबगंज व तीनपहाड़ आता है. लॉटरी दुमका से कभी रांची से साहिबगंज आने वाली बस से साहिबगंज तो कभी बस से तीनपहाड़ आता है.जब साहिबगंज बस स्टैंड आता है तो उसे चंदन के लिए काम करने वाला मजहर टोला का एक एन नामक स्टाफ रिसिव कर मजहर टोला में सुरक्षित रखता है.वही अवैध लॉटरी की खेप जब बस से तीनपहाड़ आता है तो उसे ओटो से साहिबगंज गुप्त तरीके से लाया जाता है.बताया जाता है कि तीन सप्ताह का लॉटरी एक खेप में साहिबगंज आता है. कार्टून में अवैध लॉटरी है यह किसी को पता ना चले इसके लिए लॉटरी
माफियाओं ने लॉटरी को कभी बिस्कुट तो कभी कपड़े का कार्टून में पैक कर भेजता है.एक बार में 9-12 कार्टून में लॉटरी साहिबगंज भेजा जाता है.कार्टून में अलग अलग थोक विक्रेता का कार्ड वर्ड जैसे चंदन का सीएसएस,सौरभ का एएस, कल्लू का केएल, सन्नी का एस एम सहित अन्य का कार्ड वर्ड अंकित रहता है.फिर जिस थोक विक्रेता के नाम का कार्टून रहता है उसे मोटरसाइकिल से उनके तक अवैध लॉटरी का कार्टून सुरक्षित पहुंचा दिया जाता है.उसके बाद थोक विक्रेता लॉटरी को छांट कर एक सप्ताह का लॉटरी
खुदरा लॉटरी विक्रेताओं को मार्केट में बेचने के लिए दे देता है.इसी तरह अवैध लॉटरी के कारोबार का रैकेट साहिबगंज में बेखौफ संचालित है.
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