रांची । उच्च न्यायालय में वर्ष 2025, सिविल सेवा परीक्षा में प्रार्थियों की उम्र सीमा का कट ऑफ एक अगस्त 2022 की बजाय एक अगस्त 2018 करने के आग्रह करने वाली मधुसूदन शर्मा और अन्य की याचिका की सुनवाई हुई। मामले में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आनंदा सेन की कोर्ट ने प्रार्थी को राहत नहीं देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा की उम्र सीमा का कट ऑफ निर्धारित करना सरकार का नीतिगत निर्णय है। इस पर अदालत हस्तक्षेप नहीं करेगी। प्रार्थी ने राज्य सरकार के फरवरी 2026 के उम्र सीमा से संबंधित नोटिफिकेशन जिसमें उम्र सीमा एक अगस्त 2026 से घटाकर एक अगस्त 2022 कर दी गई थी उसे चुनौती दी थी। प्रार्थी ने उक्त परीक्षा के लिए उम्र सीमा का कट ऑफ डेट एक अगस्त 2018 करने का आग्रह किया था। जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल और अधिवक्ता प्रिंस कुमार ने पक्ष रखा।
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धरना के कारण सड़क जाम पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
रांची । झारखंड हाईकोर्ट ने विधानसभा और नए हाईकोर्ट परिसर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर धरना-प्रदर्शन के कारण होने वाली यातायात समस्या को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस महेश शरद चंद्र सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि किसी भी प्रकार के प्रोटेस्ट के कारण सड़क जाम नहीं होना चाहिए और लोगों के आवागमन में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि आम लोगों को आने-जाने में कठिनाई न हो।याचिकाकर्ता संस्था साइन सिटी की ओर से अदालत को बताया गया कि योगदा सत्संग महाविद्यालय परिसर के बगल में साइन सिटी और अन्य समितियों की ओर जाने वाले रास्ते के पास सरकार द्वारा बैरिकेडिंग कर दी गई है।इसके कारण विधानसभा की ओर जाने वाले प्रदर्शनकारी उसी स्थान पर धरना देने लगते हैं, जिससे साइन सिटी जाने वाला रास्ता बंद हो जाता है और जाम की स्थिति बन जाती है। याचिका में यह भी कहा गया कि इस सड़क से हाईकोर्ट और विधानसभा जाने वाले लोगों को भी काफी परेशानी होती है। इसलिए, धरना स्थल को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई है। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि सरकार पूरे मामले की जांच कर अदालत में जवाब दाखिल करेगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रितु कुमार ने पक्ष रखा।


