सूचना सह सहायता कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण, सेवाभाव और अनुशासन के साथ दायित्व निभाने का निर्देश
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए इस वर्ष आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर बुधवार को सूचना भवन सभागार में सूचना सह सहायता कर्मियों और मातृत्व विश्राम गृह में प्रतिनियुक्त सहयोगी कर्मियों के लिए ब्रीफिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता नगर आयुक्त सुलोचना मीना और अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने की। ब्रीफिंग में नवचयनित सूचना सह सहायता कर्मियों को उनके दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि उनका कार्य केवल बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाना ही नहीं, बल्कि पूरे सेवाभाव, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करना भी है। नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने कहा कि इस बार मेला क्षेत्र के सभी सूचना सह सहायता केंद्रों को तकनीक के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा। पूरी सूचना व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक आधुनिक बनाया गया है, जिससे भीड़ में बिछड़े श्रद्धालुओं और उनके परिजनों की जानकारी तुरंत साझा कर उन्हें जल्द मिलाने में मदद मिलेगी।
अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने कहा कि इतने बड़े मेले में भीड़ प्रबंधन, बिछड़े लोगों को मिलाने और आपातकालीन सूचनाओं के त्वरित प्रसार में सूचना सह सहायता कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी कर्मियों को समय से पहले ड्यूटी स्थल पर पहुंचने, उपस्थिति दर्ज कराने और पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ शालीन और मधुर व्यवहार रखते हुए उन्हें सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मातृत्व विश्राम गृह में तैनात महिला सहयोगी कर्मियों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुविधा से जुड़ी इस जिम्मेदारी में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती ने बताया कि मेले के दौरान पूरे मेला क्षेत्र में 34 सूचना सह सहायता केंद्र चौबीसों घंटे कार्यरत रहेंगे। इनके साथ चार टोटो भी तैनात रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं तक तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
जिन स्थानों तक टोटो नहीं पहुंच सकेंगे, वहां दो बाइक सवार कर्मी सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने बताया कि महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में 10 मातृत्व विश्राम गृह बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर सैनिटरी पैड, बच्चों के डायपर, दूध और बिस्कुट जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहेगी। साथ ही महिला कर्मियों की प्रतिनियुक्ति भी की जाएगी। सर्राफ स्कूल में केंद्रीय सूचना केंद्र संचालित होगा, जहां से विशेष सहायता की आवश्यकता वाले श्रद्धालुओं को उनके घर तक सुरक्षित भेजने की व्यवस्था प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और उनकी टीम द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम में सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, संबंधित विभागों के अधिकारी और सभी सूचना सह सहायता कर्मी मौजूद थे।


