दुमका । जिले के सरैयाहाट थानाक्षेत्र के एक गाँव में दुर्गा पूजा का मेला देखने के लिए मामा के घर आई 12 वर्षीय बच्ची निर्भया(काल्पनिक नाम) के साथ गाँव के ही चार युवकों के द्वारा घर से अपहरण कर दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। हालांकि गाँव के लोग दबी जुबान यह कहते हुए पाए गये की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना घटी है लेकिन लोकलज्जा की वजह से परिवार के लोग बातें छिपा रहें है। घटना को लेकर बच्ची के मामा ने सोमवार को सरैयाहाट थाना में आवेदन देकर बताया है की बीते रविवार कि रात के करीब 10. 40 बजे घर के सभी सदस्य दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए गये थे और उसकी भांजी घर में अकेली थी। प्रतिमा विसर्जन के बाद जब वेलोग घर आए तो उसकी भांजी घर में नहीं थी।
खोजबीन के दौरान पड़ोस के अजमेर मंसूरी के घर से चिल्लाने की आवाज़ सुनाई दी। जब वेलोग अजमेर के घर पहुंचे तो वहां उसकी भांजी बदहोश डरी सहमी मिली। वहीं पर गाँव के चार लड़के सरफ़राज़ मंसूरी, राजू अंसारी, सरफ़राज़ अंसारी और रिहान मंसूरी भी खड़े थे। जिनमें से दो युवक को गाँव वालों ने पकड़ पुलिस के हवाले कर दिया जबकि दो युवकों को उसके परिजनों ने भीड़ के बीच अँधेरे का फायदा उठाकर भगा दिया। मामलें में पुलिस ने आवेदन के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2), 62, 74, 75 और 8/18 पॉकसो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायलय में पीड़िता का बयान दर्ज कराया।


