रानीश्वर । लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी मयूराक्षी ग्रामीण महाविद्यालय, रानीश्वर परिसर में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। ज्ञातव्य हो कि 02 अक्टूबर 2024 को महाविद्यालय के शासी निकाय की बैठक हुई थी, कोरम पूरा नहीं होने पर बैठक को स्थगित करना पड़ गया था| बैठक में एमजी महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर उदय प्रसाद सिंह को हटाकर सबसे कनिष्ठ शिक्षक प्रोफेसर विभास चन्द्र झा को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया था। मामले में शासी निकाय के अध्यक्ष सह दुमका सांसद नलिन सोरेन ने पत्र निर्गत किया था| शासी निकाय के उक्त अन्यायपूर्ण निर्णय का विरोध लगातार बढ़ाता जा रहा है। प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर उदय कुमार सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालय के सचिव असीम कुमार लायेक उन्हें पद से हटाने के लिए तरह-तरह का अनुचित दबाव बना रहे हैं। पद छोड़ने के लिए एक ही पत्र को बार-बार उनके पास भेजा जा रहा है। इस पत्र के प्रत्युत्तर में प्रभारी प्राचार्य प्रो सिंह ने जब सचिव से हटाने संबंधी शासी निकाय की बैठक की प्रोसिडिंग की कापी मांगी तो वे तरह-तरह का बहाना बनाने लगे। जब एक न्यूज चैनल के संवाददाता ने सबसे कनिष्ठ शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य बनाने का कारण सचिव से पूछा तो उन्होंने इसका ठीक से जवाब न देकर सिर्फ इतना कहा कि उन्हें डिग्री कॉलेज और यू जी सी के नियम की जानकारी नहीं है।
कालेज कर्मियों ने सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के कुलपति से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच करने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर एक समिति का गठन किया जाए।
इस अवसर पर कालेज के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे| जिनमें संघ के अध्यक्ष प्रो गजेन्द्र कुमार सिंह, प्रो डॉ स्वर्ण कुमार सिंह, प्रो नव कुमार पाल, प्रो अशोक राय , प्रो आबिद रजा, प्रो हुमायूं कबीर, प्रो आशीष कुमार मंडल, प्रो काजल मंडल, प्रो रियाजउद्दीन तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में विश्वनाथ घोष, भास्कर महतो,शांति राम मंडल, निमाय लेट, गोपी आदि शामिल थे।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


