संदर्भ : झारखंड में विधानसभा चुनाव
राज्य और राजनीति
चंदन मिश्र
झारखंड विधानसभा चुनाव का दुंदुभी अभी बजना बाकी है, लेकिन सभी राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर अभी से मारामारी शुरू हो गई है। एक-एक विधानसभा क्षेत्र के लिए हर दल से कम से कम आधा दर्जन दावेदार टिकट के लिए खड़े हो गए हैं। रांची, जमशेदपुर, धनबाद जैसे प्रमुख विधानसभा क्षेत्र के लिए उम्मीदवारों की संख्या आधा दर्जन से भी ज्यादा हो गई है। इसका नतीजा है कि दलों के शीर्ष नेताओं के सामने उम्मीदवारों के नामों को शॉर्ट लिस्ट करना बहुत कठिन होता जा रहा है। राष्ट्रीय दलों में भाजपा और कांग्रेस के अलावा क्षेत्रीय दलों में सत्तारूढ़ झामुमो और राजद में भी टिकटों के लिए मारामारी चल रही है। सबसे दिलचस्प तो यह है कि दलों की सीटिंग सीट के लिए भी वर्तमान विधायक के अलावा कई उम्मीदवार तैयार हो गए हैं। रांची विधानसभा सीट के लिए भाजपा में लगभग एक दर्जन उम्मीदवारों ने टिकट के लिए आवेदन दिया है। रांची के सीटिंग विधायक सीपी सिंह को यह महसूस हो रहा होगा कि भाजपा में रांची विधानसभा के लिए जिस तरह से चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले नए-नए उम्मीदवार सामने आ रहे हैं, उस हिसाब से अब वही चुनावी राजनीति के लिए नए नवेले हो गए हैं। रांची विधानसभा के लिए लगभग यही हाल कांग्रेस पार्टी की भी हो गई है। रंगी के कांग्रेस पार्टी से भी लगभग आधा दर्जन दावेदार सामने आ चुके हैं। झामुमो से अभी संभावित उम्मीदवारों की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। रांची सीट इंडिया ब्लॉक में कांग्रेस के हिस्से जाती है या झामुमो के, यह अभी साफ नहीं हुआ है। सीट बंटवारे की तस्वीर साफ होने के बाद ही संभावित उम्मीदवार की तस्वीर साफ हो पाएगी।
उम्मीदवार चयन के लिए सर्वेक्षण
झारखंड में राजनीतिक दलों की ओर से उम्मीदवारों के चयन के लिए हर चुनाव क्षेत्र के लिए संभावित उम्मीदवारों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। अलग-अलग स्तर से होनेवाले इन सर्वेक्षणों में जीत की संभावना वाले उम्मीदवारों के नाम, काम सहित विभिन्न दृष्टिकोण से सूचीबद्ध किए जाते हैं। चुनाव समिति अलग अलग सर्वे की टीम की रिपोर्ट के अनुसार ही अपना मंतव्य बनाते हैं। क्षेत्रीय दल झामुमो,आजसू और राजद को छोड़कर दोनों राष्ट्रीय दल भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन के लिए सर्वेक्षण करा रहे हैं। हालांकि यह सर्वेक्षण बहुत गोपनीय होते हैं। लेकिन कुछ संभावित उम्मीदवार इतने तेज होते हैं कि वे सर्वेक्षण करने वाली टीम के सदस्यों को भी मैनेज करने की जुगत में होते हैं। कई संभावित उम्मीदवार पैसा और पैरवी के बल पर सर्वेक्षण टीम को अपने पाले में कर रिपोर्ट अपने अनुकूल बनवा लेते हैं।
भाजपा में सबसे अधिक दावेदार
टिकट पाने के भावी उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक भाजपा में है। उसके बाद दूसरा नंबर कांग्रेस का है। झामुमो में एक विधानसभा क्षेत्र से दो या तीन उम्मीदवार ही सामने आ रहे हैं। इसकी तुलना में राजद में उम्मीदवारों की संख्या कहीं ज्यादा है। आजसू, जदयू जैसी पार्टियों में ज्यादा उम्मीदवार सामने नहीं हैं। आजसू, जदयू और वामदल जैसी पार्टियों को चुनाव लड़ने के लिए बहुत कम सीटें आती हैं, इसलिए यहां उम्मीदवारों की मारामारी नहीं है। क्षेत्रीय दलों में राजद में अपेक्षाकृत थोड़ी अधिक खींचातानी है। लेकिन इंडिया ब्लॉक ने राजद के हिस्से भी लड़ने को बहुत कम सीटें आएंगी। इसलिए अन्य क्षेत्रीय दलों की अपेक्षा यहां टिकट को लेकर मारामारी थोड़ी ज्यादा है।
सीटिंग का टिकट भी कन्फर्म नहीं
राष्ट्रीय दलों में चुनाव लड़ना अब आसान नहीं रहा। किस उम्मीदवार को टिकट मिलेगा, किसका कटेगा, यह बताना बहुत कठिन हो गया है। खासकर भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों में अनुमान लगाना बहुत आसान नहीं रहा। अब तो सीटिंग विधायक और सांसद का टिकट काट दिया जाता है। ऐसी स्थिति में कोई भी उम्मीदवार सुरक्षित जोन में नहीं होते हैं। हरियाणा और जम्मू कश्मीर राज्य में चुनाव होनेवाले हैं। हरियाणा में भाजपा ने लगभग आधे दर्जन सीटिंग विधायकों के टिकट काट दिए। इसका नतीजा रहा कि कई नेताओं में बगावत कर दी है। कुछ नेताओं ने पार्टी तक छोड़ दी है। इसलिए झारखंड में भाजपा और कांग्रेस के किस सीटिंग विधायक का टिकट कट जाए, यह अनुमान लगाना आसान नहीं होगा। पार्टी हर क्षेत्र का सर्वे करा रही है। सर्वे में जिस उम्मीदवार, वर्तमान विधायक या संभावित उम्मीदवार की सर्वे रिपोर्ट उनके प्रतिकूल होती है, उनको टिकट नहीं मिल पाता है और यदि वह सीटिंग विधायक होते हैं, तो उनका टिकट कट भी सकता है।
कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि चुनाव में टिकट पाना इतना आसान नहीं होता है। किस्मत के आलावा पैरवी और पहुंच भी बहुत मायने रखती है। झारखंड में अगले एक दो महीने टिकटों को लेकर प्रमुख दलों में भागम भाग और मारामारी देखने को मिलेगी। भाजपा इसमें सबसे उपर होगी। कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों का नंबर इसके बाद ही आएगा।
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