चेन्नई । कहते हैं बचपन की दोस्ती कभी टूटती नहीं, जैसे-जैसे समय बीतता जाता है, वैसे-वैसे वह और गहरी होती जाती है, इसका उदाहरण देखने को मिला है तमिलनाडु में। दरअसल थलापति विजय ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 23 मंत्रियों को शपथ दिलाई। तमिलनाडु राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक चेहरा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, वह है श्रीनाथ। जैसे ही श्रीनाथ शपथ लेने मंच पर पहुंचे, वहां मौजूद लोग और टीवी स्क्रीन पर समारोह देख रहे दर्शक हैरान रह गए।
कई लोगों को लगा कि यह फिल्मों में कॉमेडी करने वाले अभिनेता श्रीनाथ राजनीति के मंच पर कैसे पहुंच गए। दरअसल, श्रीनाथ केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री विजय के बेहद करीबी और पुराने दोस्त भी हैं। दोनों की दोस्ती कॉलेज के दिनों से चली आ रही है और समय के साथ और मजबूत होती गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय ने बतौर हीरो अपनी पहली फिल्म नालैया थिर्पु में काम किया था, जिसे उनके पिता एसए चंद्रशेखर ने निर्देशित किया था। उस फिल्म में श्रीनाथ ने विजय के दोस्त की भूमिका निभाई थी। वहीं से दोनों की दोस्ती की शुरुआत हुई, जो आज राजनीति तक पहुंच गई है।
कई फिल्मों में दिखे साथ
विजय और श्रीनाथ ने कई तमिल फिल्मों में साथ काम किया। दोनों की जोड़ी ने ‘12बी’, ‘उल्लम केटकुमे’, ‘उन्नाले उन्नाले’, ‘भीमा’, ‘धाम धूम’ और ‘वेट्टईकरन’ जैसी फिल्मों में दर्शकों का मनोरंजन किया। श्रीनाथ ने अभिनय के अलावा निर्देशन के क्षेत्र में भी काम किया और कुछ फिल्मों का निर्देशन भी किया।
दोस्त पर जताया भरोसा
राजनीति में आने के बाद विजय ने अपने दोस्त श्रीनाथ को उनके गृह क्षेत्र थूथुकुडी से चुनाव मैदान में उतारा। श्रीनाथ के चुनाव लड़ते ही सीट वीआईपी मानी जाने लगी। उन्होंने चुनाव में डीएमके प्रत्याशी और मंत्री गीताजीवा को हराकर जीत हासिल की। मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान विजय ने अपने पुराने दोस्त पर भरोसा जताते हुए उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई और फिशरीज मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी। इस पूरे घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में दोस्ती की एक नई मिसाल पेश की है।
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