जय श्रीराम व जय हनुमान के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा
रांची: श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को राजधानी रांची पूरी तरह भक्तिमय माहौल में रंगी नजर आई। शहर की सड़कों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा और जय श्रीराम व जय हनुमान के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। दोपहर तीन बजे के बाद शहर के विभिन्न इलाकों से भव्य शोभायात्राएं निकलनी शुरू हुईं। इन यात्राओं में लाखों की संख्या में रामभक्त शामिल हुए। शोभायात्रा को देखने के लिए सड़कों, छतों और बालकनियों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा—सभी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस आयोजन में शामिल हुए। शाम को मौसम खराब होने के बाद भी भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश के भीगतें हुए राम भक्तों ने जुलूस निकाली। मुख्य शोभायात्रा श्री महावीर मंडल, रांची के नेतृत्व में निकाली गई। महावीरी पताका के साथ जुलूस अपर बाजार स्थित महावीर मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए तपोवन मंदिर तक पहुंचा। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। शहर के विभिन्न अखाड़ों की कई दर्जनों की संख्या में टोलियां इसमें शामिल हुईं। आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की जीवंत प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़ों और ताशों की गूंज से पूरा शहर भक्तिरस में डूबा नजर आया। शोभायात्रा में शामिल बच्चे हनुमान और रामभक्तों के वेश में विशेष आकर्षण बने। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला, जो हाथों में भगवा ध्वज लिए जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। कई स्थानों पर भंडारे और शरबत वितरण की व्यवस्था की गई, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
करीब 101 फीट ऊंचा तिरंगा ध्वज भी आकर्षण का केंद्र
इस दौरान करीब 101 फीट ऊंचा तिरंगा ध्वज भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे चंद्रशेखर दुर्गा पूजा समिति द्वारा स्थापित किया गया। लखनऊ से आए कलाकारों ने शिव तांडव की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसे लोगों ने खूब सराहा। रांची के विभिन्न प्रमुख मार्गों अल्बर्ट एक्का चौक, शहीद चौक, रातू रोड, हरमू रोड और अन्य क्षेत्रों से गुजरते जुलूसों ने शहर को पूरी तरह राममय बना दिया। अल्बर्ट एक्का चौक पर 20 से अधिक स्वागत शिविर लगाए गए थे, जहां सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और महावीर मंडल के सदस्यों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, वहीं ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कई मार्गों में बदलाव भी किया गया।


