ब्यूरो
दुमका। जिले के गोपीकांदर थाना क्षेत्र अंतर्गत पलाशबानी आदिवासी टोला में एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दामाद मौके से फरार हो गया। लहूलुहान हालत में घायल सास को दुमका के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घायल महिला की पहचान आरुति हेंब्रम के रूप में हुई है।
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*क्या है विवाद की जड़?*
पीड़िता की बेटी जोलोती टुडू ने घटना की खौफनाक कहानी बयां की है। जोलोती के मुताबिक, उसके पति शामियल सोरेन ने दो शादियां कर रखी हैं। इसी वजह से वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती और अपने मायके (पलाशबानी) में रह रही है।
मंगलवार को शामियल अचानक ससुराल आ धमका और अपनी 4 वर्षीय बेटी द्रोपती सोरेन को जबरन अपने साथ ले जाने की जिद करने लगा। जब जोलोती की मां आरुति हेंब्रम ने बच्ची को उसके साथ भेजने से साफ इनकार कर दिया, तो शामियल आगबबूला हो गया।
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*लाठी-डंडों से किया हमला, मची चीख-पुकार*
गुस्साए शामियल ने आव देखा न ताव और घर में रखे लाठी-डंडों से अपनी सास पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस जानलेवा हमले से घर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। जब तक परिवार के अन्य सदस्य कुछ समझ पाते और बीच-बचाव करते, सास लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद आरोपी दामाद वहां से रफूचक्कर हो गया। घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
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*मेडिकल कॉलेज रेफर, जल्द दर्ज होगी प्राथमिकी*
घायल महिला के पति धूमा टुडू ने आनन-फानन में उन्हें गोपीकांदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां चिकित्सक डॉ. सूरज प्रसाद ने प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, सिर में गहरी चोट होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें सीटी स्कैन और बेहतर इलाज के लिए दुमका के फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया है।
पति धूमा टुडू ने बताया कि फिलहाल परिवार का पूरा ध्यान आरुति की जान बचाने और उनके इलाज पर है। महिला की हालत में सुधार होने पर आरोपी दामाद शामियल सोरेन के खिलाफ गोपीकांदर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई जाएगी। पुलिस भी मामले पर नजर बनाए हुए है।


