नई दिल्ली । आम के सीजन में डायबिटीज के मरीजों को अक्सर चिंता रहती है कि कहीं यह उनके ब्लड शुगर को बढ़ा न दे। आम में प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा होती है, इसलिए शुगर के मरीजों की यह चिंता जायज है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए डाइटिशियन का कहना है कि डायबिटीज के मरीज भी कम मात्रा में आम खा सकते हैं, बशर्ते कुछ सावधानियां बरती जाएं। डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार, अगर किसी मरीज का शुगर लेवल नियंत्रण में है, तब उसके लिए पूरे दिन में एक मध्यम आकार का आम खाना सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, कुछ मरीजों के लिए यह मात्रा और भी कम हो सकती है, जो उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य और शुगर नियंत्रण पर निर्भर करता है।
वहीं, अगर किसी व्यक्ति का शुगर लेवल अनियंत्रित रहता है या उसमें बार-बार उतार-चढ़ाव आता है, तब उस कंडीशन में आम को पूरी तरह से अवॉइड करना चाहिए। आम खाने का समय भी ब्लड शुगर कंट्रोल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डायबिटीज के मरीजों को आम खाली पेट कभी नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे ब्लड शुगर में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसे हमेशा मेन मील के बाद, यानी भोजन के साथ या उसके तुरंत बाद खाना चाहिए। डाइटिशियन के मुताबिक, खाना खाने के बाद आम खाना बेहतर माना जाता है, क्योंकि ऐसा करने से शरीर में शुगर का अवशोषण धीरे-धीरे होता है और अचानक ब्लड शुगर स्पाइक का खतरा कम हो जाता है। डायबिटीज के मरीजों को मैंगो जूस या आम के शर्बत से बचना चाहिए, क्योंकि जूस में फाइबर कम होता है और शुगर की मात्रा बहुत अधिक केंद्रित होती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है।
आम को हमेशा स्लाइस करके या छोटे टुकड़ों में खाना चाहिए। इसके साथ प्रोटीन या फाइबर युक्त फूड्स जैसे दही या नट्स (बादाम, अखरोट) लेना भी फायदेमंद हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर संतुलित रहता है और आम का ग्लाइसेमिक प्रभाव कम हो जाता है। आम खाते समय मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। बहुत ज्यादा पके हुए आम में शुगर की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए संतुलित पका हुआ आम चुनें। एक्सपर्ट की मानें तो शुगर के मरीज सावधानी के साथ आम खा सकते हैं, लेकिन नियमित रूप से ब्लड शुगर मॉनिटर करना भी जरूरी है, ताकि शरीर की प्रतिक्रिया को समझा जा सके और जरूरत पड़ने पर आहार में बदलाव किया जा सके। आमतौर पर शुगर के मरीजों के लिए एक दिन में लगभग 100 से 150 ग्राम आम खाना सुरक्षित माना जाता है।


