– मेयर व विधायक पहुंचे मौके पर
– बीसीसीएल अधिकारियों से पुनर्वास की मांग की
– 50 साल पहले इस क्षेत्र में अंडर ग्राउंड माइनिंग होती थी
धनबाद । झरिया सिंदरी मुख्य मार्ग से सटे घनी आबादी वाले चौथाई कुल्ही धर्मनगर एवं आसपास के एक दर्जन भर घरों में अचानक दरारें पड़े। इस घटना ने वहां के लोगो कि नींद उड़ा दी है। कई जगह जमीन फटी है जिसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।दरार बढ़ने से इलाके में दहशत का माहौल है। कई घरों के दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और कुछ मकानों के गिरने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति गंभीर होती जा रही है, और कभी भी उन्हें उनके घर जमीनदोज हो सकते हैं।
भयभीत लोग अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों कि ओर जाने कि तैयारी मे लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कोयला खदान संचालित थी। करीब 50 वर्षों से यहां लोग रह रहे हैं।
स्थानीय लोगो ने जिला प्रसाशन और बीसीसीएल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि अभी तक किसी ने सुधि नही ली है। जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। नाराज ग्रामीणों ने बस्ताकोला जीएम के खिलाफ नारेबाजी की। इधर झारखंड मुक्ति मोर्चा के टीम में महानगर अध्यक्ष मदन राम,फरीद मल्लिक,समशाद खान,जसीम अंसारी ने बस्ताकोला प्रबंधन से वार्ता कर पुनर्वास को लेकर तत्काल अन्यत्र बसाने कि बात कही है। प्रबंधन इनलोगो को बेलगढिया में बसाने बात कह रहा है। ग्रामीणों का कहना कि करमाटांड़ में बसाया जाय।वही राष्ट्रीय जनता कामगार संघ के महामंत्री आशनी सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रबंधन से तत्काल सुरक्षित स्थान पर बसाने और मुआवजा देने कि बात कही है।
मेयर संजीव सिंह व विधायक रागिनी के किया प्रभावित इलाके का दौरा
घटना कि सूचना मिलते ही मेयर संजीव सिंह, विधायक रागिनी सिंह, झरिया सीओ एवं बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और हालात की जानकारी ली। मौके पर पीड़ित परिवारों में प्रशासन और प्रबंधन के प्रति नाराजगी भी देखी गई। बताया जा रहा है कि इस घटना में करीब 10 घर प्रभावित हुए हैं, जिससे कई परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
निरीक्षण के दौरान मेयर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह ने बीसीसीएल अधिकारियों के साथ वार्ता कर प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की। अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया कि प्रभावित परिवारों को बेलगढ़िया में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाएगा।
मेयर संजीव सिंह ने कहा कि यह क्षेत्र पूर्व में खनन क्षेत्र रहा है और यहां के लोग करीब 50 वर्षों से निवास कर रहे हैं। पुराने खनन क्षेत्र की खोखली जमीन के कारण इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है।
वहीं विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि बरसात से पहले ही बीसीसीएल को खतरनाक क्षेत्र में रह रहे परिवारों की पहचान कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित स्थान पर बसाने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में कोई बड़ी घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी बीसीसीएल और जिला प्रशासन की होगी।


