साइबर अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश
नए नियमों के तहत दर्ज मामलों का तय समय सीमा में होगा निपटारा, सक्रिय आपराधिक गिरोहों की जल्द होगी गिरफ्तारी
श्रावणी मेला 2026: रूट लाइनों का हुआ निरीक्षण, सुलभ जलार्पण और सुगम दर्शन के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
ब्यूरो
दुमका। झारखंड की महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्रा ने शुक्रवार को दुमका पहुंचकर संताल परगना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और आगामी राजकीय श्रावणी मेला की तैयारियों का सघन जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, दुमका के सभाकक्ष में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और शिवभक्तों की सुरक्षा व सुविधा को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।
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कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर सख्त रुख
बैठक के दौरान कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने लूट, डकैती और अन्य गंभीर आपराधिक कांडों के त्वरित खुलासे पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि साइबर अपराध और गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, संताल परगना के विभिन्न जिलों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों और उनके गुर्गों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का टास्क पुलिस महकमे को सौंपा गया है। न्याय प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से पुलिस अधिकारियों को नए नियमों के तहत दर्ज मुकदमों का समय सीमा के भीतर निपटारा करने का भी विशेष निर्देश दिया गया।
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श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा पर खास फोकस
आगामी राजकीय श्रावणी मेला-2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। डीजीपी ने श्रावणी मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए तय की गई रूट लाइनों की समीक्षा व निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि देश-विदेश से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं को बाबा के सुलभ जलार्पण और सुगम दर्शन में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी आवश्यक रूपरेखा तैयार की गई है।
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बैठक में इनकी रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में झारखंड के पुलिस महानिरीक्षक (अभियान), पुलिस महानिरीक्षक (अपराध अनुसंधान विभाग), पुलिस महानिरीक्षक (दुमका प्रक्षेत्र) और पुलिस उप-महानिरीक्षक (संथाल परगना क्षेत्र) मौजूद रहे। इनके अलावा दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहेबगंज और पाकुड़ जिलों के पुलिस अधीक्षक देवघर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित कई अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी भी उपस्थित थे।


