जामताड़ा : मंगलवार शाम को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कुमुद सहाय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधानसभा चुनाव से संबंधित जानकारी दी। उपायुक्त ने बताया कि जिले के 08 नाला, 09 जामताड़ा एवं 14 सारठ (अंश) में दूसरे चरण में मतदान संपन्न होंगे। उपायुक्त ने बताया कि 29 अक्टूबर तक नामांकन किया जा सकेगा, 30 अक्टूबर को सभी प्रपत्रों की जांच होगी तथा एक नवंबर शुक्रवार को नाम वापस लिया जा सकेगा। द्वितीय चरण में 20 नवंबर को मतदान होना है तथा मतगणना की तारीख 23 नवंबर निर्धारित की गई है। इसके अलावा जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि जिले के कुल 766 मतदान केंद्रों (जो कि विभिन्न 639 लोकेशन में अवस्थित हैं) में मतदान होगा, जिसमें नाला के 336 मतदान केंद्र, जामताड़ा के 366 मतदान केंद्र एवं सारठ अंश के 64 मतदान केंद्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में जिले के नाला विधानसभा क्षेत्र के 1 लाख 22 हजार 873 पुरुष एवं 1 लाख 19 हजार 297 महिला सहित कुल 2 लाख 42 हजार 170 मतदाता तथा जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के 1 लाख 61 हजार 57 पुरुष, 1 लाख 59 हजार 51 महिला एवं 03 ट्रांसजेंडर मतदाता सहित कुल 3 लाख 20 हजार 111 मतदाता, इस प्रकार दोनों विधानसभा के कुल 5 लाख 62 हजार 281 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग दिल्ली के द्वारा विधानसभा आम चुनाव को लेकर तिथियों के घोषणा के साथ ही आज से जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गया है। इस संबंध में सभी थाना प्रभारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिया गया है कि आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित कोई भी मामला आता है तो नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा जिले के सभी आर्म्स का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच शराब बांटने एवं नगद राशि बांटने पर भी जिला प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। सी विजिल के माध्यम से अवैध कारोबार पर निगरानी रखी जायेगी। वहीं सभी बैंकों के शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया गया कि बड़ी मात्रा में लेनदेन करने वाले खाताधारियों का सूचना देंगे। वहीं उत्पाद विभाग को अवैध शराब के कारोबारी पर लगातार छापेमारी की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता की घोषणा के 24 घंटे के अंदर सरकारी संपत्ति पर सभी दीवार लेखन, पोस्टर/कागज या किसी अन्य रूप में विरूपण, कटआउट/होर्डिंग्स, बैनर, झंडे को हटा दिया जाएगा। इसके अलावा राजनीतिक दल, उम्मीदवार या चुनाव से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा सरकारी वाहन का दुरुपयोग निषिद्ध है। वाणिज्यिक वाहनों पर झंडा/स्टीकर लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि वह वाहन वैध रूप से चुनाव प्रचार के लिए उपयोग में न लाया गया हो। मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अधीन निजी वाहनों में यदि झंडे और स्टीकर का उद्देश्य किसी विशेष पार्टी को आकर्षित करना हो तो आईपीसी की धारा 17H/ भारतीय न्याय संहिता की धारा 176 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा 48 घंटे के अंदर सार्वजनिक संपत्ति, सार्वजनिक स्थान यथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हवाई अड्डे, रेलवे पुल, सड़क मार्ग, सरकारी बसें, बिजली टेलीफोन के खंभे, निकाय की इमारतों आदि पर दीवार लेखन या अन्य सामग्री, सभी अनधिकृत राजनैतिक विज्ञापन हटा ली जाएगी। इसके अलावा 72 घंटे के अंदर लागू की जाने वाली गतिविधियों यथा मतदान केंद्रों में न्यूनतम मूलभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन हेतु नोडल अधिकारी की नियुक्ति, वलनेरेबल और क्रिटिकल मतदान केंद्र का पहचान आदि के बारे में बताया गया। प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक डॉ एहतेशाम वकारिब,उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार, परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, भूमि सुधार उप समाहर्ता ओम प्रकाश मंडल, उप निर्वाचन पदाधिकारी विजय कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विकास आनंद लांगुरी, मुख्यालय डीएसपी, प्रशिक्षु डीएसपी चंद्रशेखर, प्रखंड विकास पदाधिकारी नाला आकांक्षा कुमारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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