कांग्रेस ने भाजपा व निर्वाचन आयोग पर लगाया गंभीर आरोप, भाजपा मंडल अध्यक्ष व बूथ स्तरीय अभिकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
सरैयाहाट । विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 के कथित इस्तेमाल को लेकर बाबुडीह में विवाद गहराता जा रहा है। अब यह मामला राजनीतिक तकरार का रूप ले चुका है। शुक्रवार को कांग्रेस के जिला महासचिव महेश राम चंद्रवंशी ने बाबुडीह में पत्रकार सम्मेलन कर भाजपा और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रपत्र-7 के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जो लोगों के मताधिकार से जुड़ा गंभीर मामला है। इधर, बाबुडीह निवासी इस्लाम मियां ने मतदाता सूची से गलत तरीके से नाम हटाने की साजिश का आरोप लगाते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश कापरी और भाजपा के बूथ स्तरीय अभिकर्ता-2 प्रकाश मंडल के खिलाफ सरैयाहाट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 36(2), 340(2), 352, 3(5) तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किए जाने का उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रपत्र-7 का गलत तरीके से इस्तेमाल कर मतदाता सूची से नाम हटाने की साजिश की गई। कांग्रेस जिला महासचिव महेश राम चंद्रवंशी ने पत्रकार सम्मेलन में कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसमें किसी भी प्रकार की कथित छेड़छाड़ या बिना उचित प्रक्रिया के नाम हटाने की कोशिश जनता के अधिकारों का हनन है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
*भाजपा ने आरोपों को बताया राजनीति से प्रेरित*
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा नेता अशोक शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बाबुडीह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से घंटों सड़क जाम किया गया था। ऐसे में सड़क जाम करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की गई, यह भी सवाल का विषय है। उन्होंने कहा कि मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाजपा नेता जयप्रकाश मंडल ने बूथ स्तरीय अभिकर्ता-2 प्रकाश सेल्फ के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बूथ स्तरीय अभिकर्ता-2 निर्वाचन प्रक्रिया के निर्धारित दायरे में रहकर काम कर रहा था। ऐसे में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रपत्र-7 निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा है और इसके संबंध में लगाए गए आरोपों की जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
बाबुडीह में प्रपत्र-7 को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर प्राथमिकी तक पहुंच गया है। एक ओर कांग्रेस इसे मताधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए भाजपा और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए बूथ स्तरीय अभिकर्ता का बचाव किया है। अब पुलिस जांच और निर्वाचन स्तर पर होने वाली कार्रवाई से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।


