परिजनों की उपस्थिति में फूलमुनी के दफ़न शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेजा
परिजन ने लगाया प्रेम प्रसंग में फूलमुनी का हत्या का आरोप
काठीकुण्ड। पुलिस प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में दफ़न शव को सात दिनों बाद निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 सितम्बर को जरमुंडी थाना क्षेत्र के धमनचीपा गांव की दुलारी मुर्मू ने अपनी बेटी फूलमुनी सोरेन की हत्या का आरोप उसके प्रेमी पर लगाते हुए एसपी दुमका को लिखित आवेदन दिया था। आवेदन के मुताबिक फूलमुनि और काठीकुण्ड थाना क्षेत्र के कोदालछोला निवासी फिलीप के बीच एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 10 सितंबर को फिलीप अपने गांव के ग्राम प्रधान व अपने पिता श्याम मरांडी के साथ दमनचीपा स्थित अपनी प्रेमिका के घर गया था। मां दुलारी के मुताबिक सभी की उपस्थिति में बेटी फूलमुनि को विदा कर फिलिप उसे अपने घर कोदालछोला लेकर गया था। 15 सितंबर को अचानक बेटी की तबीयत बिगड़ने की जानकारी लड़की के परिवार वालों को मिली। आवेदन के मुताबिक जब फूलमुनि के घर वाले कोदालछोला पहुंचे तो वहां बेटी को मृत पाया। जिसके चेहरे पर दाग थे और नाक से खून निकल रहा था। आरोप लगाया कि बिना जानकारी दिए और बिना शव का पोस्टमार्टम कराये शव को दफना दिया गया। फूलमुनी की माँ ने बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया था एवं शव का पोस्टमार्टम करते हुए पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। जिसपर कार्रवाही करते हुए काठीकुण्ड पुलिस प्रशासन सोमवार को कोदालछोला गांव पहुंचे। परिजनों की मांग पर फूलमुनी के दफ़न शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेज गया। मौके पर मजिस्ट्रेट सह काठीकुण्ड बीडीओ ममता मरांडी, थाना प्रभारी त्रिपुरारी कुमार, एसआई केदारनाथ पूर्ति, ए एस आई बेटका सोरेन, पुलिस बल के साथ लड़की और लड़का के परिजन और ग्रामीण मौजूद थे।

