नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में चैटजीपीटी जैसी क्रांति ला चुकी कंपनी ओपनएआई अब एक और महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम कर रही है। कंपनी ने इंसानों जैसे दिखने वाले और सोचने-समझने में सक्षम ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसका पहला डेमो 2027 में देखने को मिलेगा है। इन रोबोट्स को केवल चलना-फिरना ही नहीं, बल्कि अपने आसपास की दुनिया को समझकर स्वतंत्र रूप से कार्य करने लायक बनाने पर विशेष ध्यान दिया है।
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इन रोबोट्स के प्रदर्शन को लेकर संकेत दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी 2027 में अपने पहले ह्यूमनॉइड रोबोट का प्रोटोटाइप दुनिया के सामने पेश करेगी है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि 2027 में इसका मतलब रोबोट की बाजार में उपलब्धता नहीं होगी। लांच की तारीख, कीमत और सटीक फीचर्स अभी कंपनी द्वारा घोषित नहीं किए हैं।
अब सवाल उठता है कि इंसानों जैसे रोबोट की आवश्यकता क्यों है, जब मशीनें पहले से ही विभिन्न कार्य कर रही हैं? इसका मुख्य कारण है कि हमारे घर, कार्यालय और कारखाने इंसानों की बनावट और कार्यप्रणाली को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए गए हैं। दरवाज़े खोलने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान उठाने जैसे दैनिक कार्य इंसानी शारीरिक क्षमताओं के अनुरूप होते हैं। इसके बाद यदि रोबोट का आकार और संरचना इंसानों जैसी होगी, तब इसमें इन मौजूदा वातावरणों में बिना किसी बड़े बदलाव के आसानी से काम करने में मदद मिलेगी।
हालांकि, केवल इंसानों जैसा शरीर बना देना ही पर्याप्त नहीं होगा; रोबोट को यह भी समझना होगा कि उसके आसपास क्या हो रहा है और उसे अगली कार्यवाही क्या करनी चाहिए। यहीं पर ओपनएआई की सबसे बड़ी ताकत, उसकी एआई टेक्नोलॉजी, महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा रोबोट विकसित करना है जो केवल पूर्वनिर्धारित आदेशों पर काम न करे, बल्कि आसपास की स्थिति को समझकर स्वयं निर्णय ले सके। उदाहरण के लिए, यदि उसे कोई वस्तु उठाने को कहा जाता है, तब उस वस्तु को पहचानना, उसे उठाने का सर्वोत्तम तरीका समझना और फिर कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करना होगा।
हालांकि, ह्यूमनॉइड रोबोट के इस क्षेत्र में ओपनएआई अकेली खिलाड़ी नहीं है। एलन मस्क की टेस्ला भी अपने ऑप्टिमस रोबोट पर सक्रिय रूप से काम कर रही है, और कई अन्य कंपनियां भी इस तकनीकी दौड़ में शामिल हैं। फिलहाल, ओपनएआई के इस महत्वाकांक्षी रोबोट की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। सभी की निगाहें 2027 पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि कंपनी क्या प्रदर्शन करती है और उसका रोबोट वास्तविक दुनिया में कितनी उपयोगिता साबित कर पाता है।
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