ऱांची । झारखंड में बीजेपी का अगला कप्तान कौन होगा, यह सवाल अभी कयासों और रणनीतिक संकेतों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू को इस पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, लेकिन अभी अंतिम फैसला पार्टी के राष्ट्रीय फोरम में होना बाकी है। बीजेपी ने रवींद्र राय (भूमिहार) को हटाकर उनकी जगह आदित्य साहू (ओबीसी बणिया) को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह बदलाव एक ओबीसी चेहरे को आगे लाने का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। झारखंड में यह तय माना जा रहा है कि अगला प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी (ओबीसी) समुदाय का ही होगा। आदित्य इस पैमाने पर फिट बैठते हैं और उनकी नियुक्ति को ओबीसी वोटबैंक को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार जोर देकर कहते हैं कि केंद्र में जेपी नड्डा को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने से पहले कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।
साहू को पहले कार्यकारी अध्यक्ष बनाना इसी बात का संकेत देता है कि उन्हें बाद में प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है। बातें दें कि आदित्य साहू 20 वर्षों से अधिक समय से बीजेपी से जुड़े हैं। वह बूथ स्तर से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू कर चुके हैं, पहले प्रदेश महासचिव रहे हैं, और 2022 में राज्यसभा सांसद बने। लेकिन इस मामले में स्थानीय पत्रकारों का मानना है कि आदित्य साहू स्वभाव से सरल हैं, लेकिन संगठन में उनकी पकड़ उतनी मजबूत नहीं है जितनी एक प्रदेश अध्यक्ष की होनी चाहिए। इसके बाद उनकी नजर में पूर्व सीएम रघुवर दास इस पद के लिए सबसे उपयुक्त दावेदार हैं। वहीं आदित्य साहू ओबीसी बणिया समुदाय से आते है। रांची जिले के ओरमांझी ब्लॉक का कुचू गांव के रहने वाले है। रांची के राम तहल चौधरी कॉलेज में शिक्षक रह चुके हैं। वर्तमान में झारखंड बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद (2022 में निर्विरोध चुने गए)। स्वर्गीय राम तहल चौधरी के करीबी माने जाते हैं, उनकी छवि साफ बताई जाती है और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीब कहा जाता है।


