रांची । रांची के बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन से जुड़े चर्चित घोटाले में आरोपित दिलीप घोष को उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है। झारखंड उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है।
दिलीप घोष ने निचली अदालत, यानी पीएमएलए की विशेष अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने और आरोप गठित किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। इसके साथ ही उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले को भी निरस्त करने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने बुधवार को याचिका को मेंटेनबिलिटी (सुनवाई योग्य है या नहीं) के आधार पर ही खारिज कर दिया। यानी अदालत ने इस याचिका को सुनवाई के योग्य नहीं माना। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अधिवक्ता एके दास और सौरव कुमार ने पक्ष रखा।
उल्लेखनीय है कि बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े इस मामले में ईडी ने कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें दिलीप घोष के अलावा रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन, कारोबारी विष्णु अग्रवाल, राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, फर्जी रैयत प्रदीप बागची, जमीन कारोबारी अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान, मोहम्मद सद्दाम और अमित अग्रवाल शामिल हैं।
इस मामले में ईडी ने ईसीआईआर 1/2023 दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद दिलीप घोष को ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही का सामना करना होगा।
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