असम/रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने असम के मजबत विधानसभा से जेएमएम प्रत्याशी प्रीति रेखा बारला के पक्ष में पारंपरिक असमिया वेशभूषा और गामोछा धारण कर जनसभा को संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए हेमन्त सोरेन ने राज्य सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए आदिवासी समाज और चाय बागान मजदूरों की एकजुटता पर जोर दिया।
प्रशासनिक भेदभाव पर कड़ा प्रहार
हेमन्त सोरेन ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा हमें हफ्तों पहले आवेदन देने के बावजूद सभा की अनुमति नहीं दी जाती, जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को मात्र दस मिनट में अनुमति मिल जाती है। यह लोकतंत्र में स्पष्ट भेदभाव है। उन्होंने कहा कि यदि आज आपने अपने अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठाई गई, तो भविष्य में संघर्ष करने की शक्ति भी क्षीण हो जाएगी।
चाय बागान मजदूरों की शक्ति का आह्वान
हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के चाय बागानों में लाखों आदिवासी मजदूर निवास करते हैं। उन्होंने आगाह किया कि यदि आज यह समाज अपनी एकजुटता दिखाने में विफल रहा, तो भविष्य में अपनी आने वाली पीढ़ियों के हक और हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए उनके पास पर्याप्त शक्ति और संसाधन शेष नहीं बचेंगे। उन्होंने कहा कि देश का विशाल चाय उद्योग पूरी तरह से आपकी कर्मठता पर टिका हुआ है लेकिन विडंबना है कि सरकार के स्तर पर उन्हें वह सम्मान और अधिकार नहीं मिल पा रहा है जिसके वे हकदार हैं।
हम शिबू सोरेन के सिपाही हैं
हेमंत सोरेन ने कहा देश को बेचने वालों को सबक सिखाना ज़रूरी है। आपके एक वोट में आपकी वृद्धा पेंशन, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, राशन, महंगाई से राहत और सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं छिपी हैं। एक वोट किसी को कुर्सी पर बैठा सकता है और किसी को उतार सकता है। हम शिबू सोरेन के सिपाही हैं और संघर्ष करना जानते हैं।
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असम चुनाव में कल्पना सोरेन संभालेंगी प्रचार की कमान
डिब्रूगढ़/रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम विधानसभा चुनाव में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए गांडेय विधायक कल्पना सोरेन को स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है। इसी क्रम में मंगलवार को कल्पना सोरेन असम के डिब्रूगढ़ हवाई अड्डा पहुंचीं। एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बताया जा रहा है कि वे आगामी चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएंगी और चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कल्पना सोरेन की मौजूदगी से चुनावी माहौल में नया उत्साह देखने को मिल सकता है। जेएमएम नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके प्रचार से असम में पार्टी को राजनीतिक मजबूती मिलेगी।


