जरमुंडी । एक तरफ सरकार सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और शत-प्रतिशत उपस्थिति का दम भर रही है, वहीं दूसरी तरफ जरमुंडी प्रखंड के नव प्राथमिक विद्यालय टाड़ी-बदरामपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मंगलवार की सुबह जब घड़ी में 11:26 बज रहे थे, तब स्कूल में ताला लटका हुआ था। क्लासरूम के अंदर बैठकर ककहरा सीखने वाले नौनिहाल स्कूल के बाहर धूल में खेल रहे थे। यह नजारा तब देखने को मिला जब ग्रामीण और अभिभावक रामकिशोर मंडल किसी काम से विद्यालय पहुंचे।
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दो गुरुजी, फिर भी बंद पाठशाला
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इस नव प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षकों की तैनाती की गई है। लेकिन स्कूल अवधि में दोनों ही गायब मिले। जब इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों से फोन पर संपर्क किया, तो उनके जवाब हैरान करने वाले थे।
शिक्षक मुस्ताक आलम ने बताया कि उनकी सास के देहांत हो जाने के कारण वे अपने ससुराल में हैं। वहीं, जब दूसरे शिक्षक घनश्याम मंडल से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वे किसी काम से दुमका आए हुए हैं। हद तो तब हो गई जब स्कूल बंद रहने की वजह पूछी गई। इस पर शिक्षक घनश्याम मंडल ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए कहा, “बंद रहेगा, जहां शिकायत करना है कर दो।”
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ग्रामीणों में भारी आक्रोश, जांच की मांग
शिक्षक के इस अड़ियल और गैर-जिम्मेदाराना जवाब से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है कि अगर एक शिक्षक निजी कारणों से छुट्टी पर थे, तो दूसरे शिक्षक को विद्यालय खोलना चाहिए था। इस तरह स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने अब इस मामले को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा विभाग से लिखित शिकायत करने का मन बनाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और ड्यूटी से नदारद रहकर मनमानी करने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।


