राजकुमार भगत
पाकुड़। चुनाव की तिथि भले ही घोषणा हो गई है किंतु झारखंड में सीट के बंटवारे और प्रत्याशियों की सूची जारी करने में पार्टियों के पसीने निकल रहे हैं ? रात दिन बैठकों का दौर जारी है। नफा नुकसान की जवाब देही पार्टी के आला कमान पर है सो फूक- फूक कदम रखा जा रहा है।
*नहीं हो सके हैं प्रत्याशियों के चेहरे साफ*
अब तक गठबंधन और प्रत्याशियों की तस्वीर साफ नहीं हो सका है। भाजपा गठबंधन (एनडीए ) हो या फिर (आईएएनडीआईए) झामुमो गठबंधन सीटों की शेयरिंग एवं अपने प्रत्याशियों की नाम की घोषणा विधिवत नहीं कर पाए हैं। नाम की घोषणा होते ही पार्टी के अंदर और बाहर खलबली मचने से इनकार नहीं किया जा सकता। भूचाल आने की पूरी संभावना है। तभी तो देश के गृह मंत्री ने पहले ही सचेत कर दिया है।
*किसको दे टिकट और किसको ना दे*
पाकुड़ जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र पाकुड़ , महेशपुर एवं लिट्टीपाड़ा में प्रत्याशियों के चेहरे साफ नहीं है। कई – कई दावेदार हैं। भाजपा और झामुमो गठबंधन को इसे लेकर पसीने छूट रहे हैं। सबको सामंजस में लेकर चलना कठिन प्रतीत हो रहा है । किंतु किसी न किसी एक को तो टिकट देना ही है।
संभावना जताई जा रही है कि पिछले 72 घंटा में धूमिल छवि साफ नजर आने लगेंगे। तब पता चलेगा किसने क्या खोया और क्या पाया।
*नया चेहरा होगा सामने या पुराने प्रत्याशियों पर खेलेंगे दांव*
दोनों ही गठबंधन दालों में सब कुछ आसान नहीं है। पाकुड़ से अगर बात करें तो भाजपा का एक चेहरा बाबूधन मुर्मू साफ नजर आ रहा है जो रात दिन ग्रामीण क्षेत्र के दौरा कर रहे हैं। किंतु छुपा रुस्तम कमल कृष्ण भगत बलराम दुबे, मीरा प्रवीन सिंह, अनुग्रहित प्रसाद शाह,कई लोग टिकट का दावेदार हैं। कांग्रेस में भी उपापोह की स्थिति है। पाकुड़ से कांग्रेस गठबंधन अपनी प्रत्याशी देंगे किंतु नाम की घोषणा अभी बाकी है। कई दावेदार है। परिक्रमा कर रहे हैं तनवीर आलम , हंजला शेख़ दावा कर सकते हैं । एक समाजसेवी भी इस दौड़ में शामिल है। महेशपुर कि अगर बात करें तो पिछले दो विधानसभा चुनाव से प्रोफेसर स्टीफन मरांडी विधायक हैं। 2024 में वह चाहते हैं की बेटी उपासना को झामुमो से टिकट मिले। इधर जिला परिषद अध्यक्ष जूली खिस्टमुनि हेंब्रम, भी प्रबल दावेदार है। भाजपा की बात करें तो तो पूर्व विधायक मिस्त्री सोरेन और सुफल मरांडी प्रबल दावेदार हैं किंतु सूत्रों की माने तो महेशपुर से पूर्व एसडीपीओ नवीनतम हेंब्रम का नाम पार्टी में सबसे ऊपर है। लिट्टीपाड़ा में भी चेहरे साफ नहीं है। यहां झामुमो एवं भाजपा में कांटे की टक्कर होगी। झामुमो से विधायक दिनेश बिलियन मरांडी, हेमलाल मुर्मू,, रसका हेंब्रम, भाजपा से दानियल किस्कू, बाबुधान मुर्मू शिवचरण मलतो आदि आगे चल रहे हैं।यहां भी पार्टियां पुराने चेहरे पर दाव खेलती है या फिर नए चेहरे सामने लाती है देखना अभी शेष रह गया है।
*अखिल अख्तर सब पर पड़ सकते हैं भारी
पूर्व विधायक अखिल अख्तर हाल ही में आजसु का दामन छोड़ा है । यदि सूत्रों की माने वे भी भांज बैठा रहे हैं ।पहले विधायक रह चुके हैं, इसलिए क्षेत्र में इनकी पहचान और पकड़ अच्छी है और चुनाव पर खड़े होने की दम भर रहे हैं । अजहर जी पार्टी से हो या फिर स्वतंत्र हो हर हाल में चुनाव लड़ने को तैयार है। अब देखना है कि इस चुनौती पूर्ण माहौल में पार्टी अपने प्रत्याशियों को कितना सामंजस कर पा रहे हैं।
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