◆दुमका संवेदक संघ ने हजारों करोड़ रुपये के लंबित भुगतान और बालू-बिटुमिन की दरों में वृद्धि का उठाया मुद्दा
◆होटल सूर्या में हुई संवेदक संघ की बैठक में आंदोलन की बनी रूपरेखा, डीसी को सौंपा मांग पत्र
विशेष संवाददाता
दुमका। खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा जारी दो आदेशों को वापस लेने, संवेदकों के लंबित भुगतान का शीघ्र निष्पादन करने तथा बालू और बिटुमिन की दरों में भारी वृद्धि के विरोध में दुमका संवेदक संघ ने आंदोलन का निर्णय लिया है। इस क्रम में आगामी 11 नवंबर को दुमका के डीसी चौक पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। धरना सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। संघ ने जिले के सभी संवेदकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
मंगलवार को दुमका के होटल सूर्या में संवेदक संघ की बैठक अध्यक्ष श्यामल किशोर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के पत्रांक 197 दिनांक 27 अप्रैल 2026 तथा पत्रांक 2506 दिनांक 27 अक्टूबर 2026 के प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित संवेदकों ने आरोप लगाया कि विभाग के इन आदेशों के कारण जिले के संवेदकों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इन आदेशों को रद्द कर पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई।
बैठक के बाद संघ की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि विभागीय आदेशों के कारण संवेदकों के हजारों करोड़ रुपये के भुगतान फंस गए हैं। संवेदकों का कहना है कि पूर्व व्यवस्था के तहत माइनिंग चालान एवं रॉयल्टी की कटौती की व्यवस्था में बदलाव से संवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि पूर्व व्यवस्था बहाल कर फंसे हुए भुगतान का रास्ता साफ किया जाए, ताकि संवेदकों को उनकी लंबित राशि मिल सके।श्यामल किशोर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुशील दुबे, विवेकानंद राय, हरिनन्दन चौधरी, नीरज कोठरीवाल,राम प्रकाश सिंह,संदीप कुमार, मंटू कुमार मंडल और ओम प्रकाश सिंह सहित अच्छी संख्या में संवेदक मौजूद रहे।
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खनिजों की उपलब्धता और चालान दर पर भी उठाए सवाल
संवेदक संघ ने खनिजों की अनुपलब्धता को भी एक गंभीर समस्या बताया है। बैठक में कहा गया कि मिट्टी, बालू, पत्थर सहित अन्य खनिजों के चालान की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से विकास एवं निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संघ का कहना है कि निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ बालू का सरकारी दर पर चालान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
संघ ने बाजार में बालू के चालान की दर को लेकर भी चिंता जताई है। विज्ञप्ति के अनुसार, वर्तमान में बाजार में उपलब्ध बालू के चालान की कीमत सरकारी निर्धारित दर अथवा एसओआर (SOR) की तुलना में काफी अधिक है। उदाहरण देते हुए कहा गया कि सरकारी दर 12 प्रतिशत जीएसटी सहित होने के बावजूद बाजार में बालू का चालान चार से पांच गुना अधिक कीमत पर मिल रहा है। ऐसी स्थिति में संवेदकों के लिए निर्धारित दर पर निर्माण कार्य पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
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*बिटुमिन की कीमत बढ़ने से निर्माण कार्य पर आर्थिक बोझ*
दुमका । संवेदक संघ की बैठक में बिटुमिन की कीमतों में हुई वृद्धि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण बिटुमिन की कीमत दोगुने से अधिक बढ़ गई है। इससे ग्रामीण कार्य विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण कार्य करने वाले संवेदकों के सामने आर्थिक कठिनाइयां उत्पन्न हो गई हैं।
संघ ने बताया कि पथ निर्माण विभाग में बिटुमिन की कीमतों में वृद्धि के मद्देनजर अलकतरा (बिटुमिन) की क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने की व्यवस्था है। इसी तर्ज पर ग्रामीण कार्य विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में भी बिटुमिन की क्षतिपूर्ति का प्रावधान लागू किया जाना चाहिए, ताकि संवेदकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम हो सके।
संघ ने लंबित भुगतान को लेकर विशेष नाराजगी जताई। विज्ञप्ति में कहा गया कि दुर्गापूजा, दीपावली, छठ, बकरीद और ईद जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के अवसर पर भी संवेदकों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। भविष्य में भी भुगतान होने की संभावना स्पष्ट नहीं दिख रही है। इससे संवेदकों के साथ-साथ उन पर आश्रित हजारों परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा। इसी क्रम में संवेदक संघ की ओर से उपायुक्त, दुमका को मांग पत्र सौंपकर विभागीय आदेशों को रद्द करने तथा पूर्व व्यवस्था बहाल करने का आग्रह किया गया है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो जिले के सभी संवेदक एकजुट होकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। संघ के अनुसार, यह लड़ाई केवल भुगतान या दरों की नहीं, बल्कि संवेदकों के अस्तित्व और उनके साथ जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका का सवाल है।
दुमका संवेदक संघ की ओर से जारी अपील में सभी संवेदक बंधुओं से 11 नवंबर, बुधवार को सुबह 10:30 बजे डीसी चौक पहुंचने का आग्रह किया गया है। धरना के माध्यम से खान एवं भूतत्व विभाग के दोनों आदेशों को तत्काल रद्द करने, लंबित भुगतान का अविलंब निष्पादन करने, सरकारी दर पर बालू का चालान उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण कार्य विभाग में बिटुमिन क्षतिपूर्ति लागू करने की मांग की जाएगी।


