देवघर। देवघर बार एसोसिएशन ने 2 नवंबर को देवघर दौरे पर पहुंचे भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का गर्मजोशी से स्वागत किया। एसोसिएशन ने इसे देवघर के पूरे विधिक समुदाय के लिए गौरव और सम्मान का अवसर बताया।
स्वागत संबोधन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह के प्रति भी आभार जताया गया। झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय का भी विशेष रूप से स्वागत किया गया। एसोसिएशन ने कहा कि देवघर बार का गौरवशाली इतिहास सौ साल से अधिक पुराना है। इस बार से कई प्रतिष्ठित अधिवक्ता निकले हैं, जिन्होंने आगे चलकर हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। यहां के अधिवक्ताओं ने सामाजिक कार्यों और जनसेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कई अधिवक्ता विधायक, विधान पार्षद और देवघर नगर निकाय के अध्यक्ष के रूप में जनता की सेवा कर चुके हैं।
संताल परगना में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग
स्वागत संबोधन के दौरान देवघर में झारखंड हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की प्रमुख मांग उठाई गई। एसोसिएशन ने कहा कि भौगोलिक स्थिति और बेहतर संपर्क सुविधाओं के लिहाज से देवघर संताल परगना में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। इसके पक्ष में देवघर की रेल कनेक्टिविटी, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, होटल, धर्मशाला और अन्य आवासीय सुविधाओं का हवाला दिया गया। साथ ही देवघर में एम्स जैसी बेहतर चिकित्सा सुविधा और जिला बार एसोसिएशन की समृद्ध लाइब्रेरी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। एसोसिएशन का कहना था कि देवघर में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से संताल परगना के अधिवक्ताओं और वादकारियों को न्याय पाने में सुविधा होगी। अंत में मुख्य न्यायाधीश के उत्तम स्वास्थ्य और देश की न्यायिक व्यवस्था में उनके लंबे एवं सफल कार्यकाल की कामना की गई।


