नई दिल्ली । देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है, जिसमें उनके वेतन, भत्तों और पेंशन में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है। सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है, इसकेउ बाद आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी, 2026 से लागू करने की संभावना है। हालांकि, यदि इन सिफारिशों को लागू करने में अपेक्षित समय से अधिक देरी होती है, तब कर्मचारियों को एक बड़ा वित्तीय लाभ एरियर के रूप में मिल सकता है।
अनुमान के अनुसार, यदि सिफारिशें लागू होने में 24 महीने की देरी होती है, तो लेवल-8 के एक केंद्रीय कर्मचारी को लगभग 18 लाख रुपये तक का एरियर मिल सकता है। इस गणना के पीछे का तर्क यह है कि यदि लेवल-8 के कर्मचारी का मौजूदा मूल वेतन 47,600 रुपये है और आठवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो अनुमानित संशोधित मूल वेतन 1,22,332 रुपये होगा। इस तरह, मूल वेतन में मासिक वृद्धि लगभग 74,732 रुपये होगी। यदि यह वृद्धि 24 महीने बाद लागू होती है, तो केवल मूल वेतन के अंतर के आधार पर अनुमानित एरियर 74,732 रुपये को 24 महीने से गुणा करने पर लगभग 17,93,568 रुपये होगा। यह आंकड़ा एक उदाहरण मात्र है और वास्तविक एरियर की राशि लागू होने की तारीख और अन्य भत्तों में वृद्धि पर निर्भर करेगी।
आठवां वेतन आयोग इस समय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन से जुड़े विभिन्न मामलों पर संबंधित हितधारकों के साथ गहन चर्चा कर रहा है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए राजस्थान, तमिलनाडु, पुडुचेरी और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैठकें की हैं। आयोग की योजना के अनुसार, आगामी दिनों में बेंगलुरु और मुंबई में भी हितधारकों से मुलाकात की जाएगी। हालांकि, अभी तक न तो केंद्र सरकार और न ही आठवें वेतन आयोग ने इन सिफारिशों को लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित की है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आयोग जल्द से जल्द अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा, ताकि उनके वित्तीय भविष्य को लेकर अनिश्चितता समाप्त हो सके।


