● तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के आउटसोर्सिंग व दैनिक वेतन पदों पर शत-प्रतिशत स्थानीय भागीदारी की मांग
●अस्पताल निर्माण के लिए जमीन देने वाले परिवारों के योग्य सदस्यों को मिले सीधी प्राथमिकता
●भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और चयन सूची सार्वजनिक करने पर दिया विशेष जोर
ब्यूरो
दुमका: फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल , दुमका में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के पदों पर आउटसोर्सिंग और दैनिक वेतन के आधार पर होने वाली बहालियों को लेकर मांग तेज हो गई है। छात्र समन्वय समिति, दुमका ने कॉलेज के प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि इन पदों पर होने वाली सभी नियुक्तियों में स्थानीय युवाओं और जमीनदाताओं की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
समिति का कहना है कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निर्माण में स्थानीय क्षेत्र की जनता और जमीनदाताओं का अमूल्य योगदान रहा है। लोगों ने जनहित और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अपनी जमीनें दी थीं, लेकिन वर्तमान में अस्पताल संचालन के दौरान निकलने वाले रोजगार के अवसरों से स्थानीय लोग ही उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। आउटसोर्सिंग और दैनिक वेतन आधारित पदों पर स्थानीय अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।
छात्र समन्वय समिति ने प्राचार्य को सौंपे पत्र में कहा है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता आधारित बनाया जाए। इसके साथ ही रिक्त पदों की संख्या, निर्धारित अर्हता, चयन के मानक और अंतिम चयन सूची को सार्वजनिक पटल पर रखा जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि अस्पताल प्रबंधन को जमीन देने वाले प्रभावित परिवारों के योग्य सदस्यों के हितों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय युवाओं और विस्थापित परिवारों के अधिकारों की रक्षा करते हुए नीतिगत निर्णय नहीं लिए गए, तो छात्र और युवा अपने हक के लिए चरणबद्ध आंदोलन को विवश होंगे।


