उदयपुर । मेवाड़ पूर्व राजपरिवार की राजमाता विजयाराज कुमारी मेवाड़ का सोमवार देर रात 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। राजमाता स्वर्गीय अरविंद सिंह मेवाड़ की धर्मपत्नी और डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माता थीं। उनके निधन की सूचना मिलते ही उदयपुर सहित समूचे मेवाड़ अंचल में गहरा शोक व्याप्त हो गया। राजपरिवार से जुड़े सदस्यों, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और आम जनता ने राजमाता के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
विजयाराज कुमारी का जन्म 21 दिसंबर 1942 को कच्छ (गुजरात) के पूर्व राजपरिवार में हुआ था। वे कच्छ के महाराज फतह सिंह की छोटी पुत्री और कच्छ के तत्कालीन महाराव की पौत्री थीं, जिससे उनके व्यक्तित्व में राजसी परंपराओं और संस्कृति का गहरा प्रभाव परिलक्षित होता था। उनकी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा ऊटी स्थित प्रसिद्ध फ्रांसिस्कन कॉन्वेंट में संपन्न हुई थी, जिसने उनके बौद्धिक विकास और सामाजिक सरोकारों की नींव रखी। राजमाता विजयाराज कुमारी का उदयपुर के शैक्षणिक विकास और परोपकारी कार्यों में अहम योगदान रहा है। 1980 के दशक में उन्होंने महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल (एमएमपीएस) के आधुनिकीकरण, सुदृढ़ीकरण और उसे एक व्यवस्थित शैक्षणिक संस्थान का स्वरूप देने में अग्रणी भूमिका निभाई। उनकी दूरदर्शिता और प्रयासों से यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सका। इसके साथ ही, वे विभिन्न धर्मार्थ ट्रस्टों के माध्यम से बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी गतिविधियों में निरंतर सक्रिय रहीं। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल कीं, जिनका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है।


