शिकंजा कसने एंटी-नारकोटिक्स टीमों में ज्यादा महिला पुलिसकर्मी होंगी शामिल
नई दिल्ली । नई दिल्ली में नशीले पदार्थों के कारोबार में महिलाएं जहां पहले ज्यादातर सहायक या डिलीवरी की सीमित भूमिका में होती थीं, वहीं अब कई महिलाएं मुख्य सरगना के रूप में सक्रिय हैं। ड्रग्स स्मगलिंग से जुड़कर कई महिला अपराधियों ने छोटे स्तर से करोड़ों की संपत्ति तक जुटा ली है। ऐसे में एंटी-नारकोटिक्स टीमों में ज्यादा महिला पुलिसकर्मियों को शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट में जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक कुसुम, पारो, उषा, कांता और तस्लीमा पुट्टी जैसी महिलाओं ने इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाई है। जांच में पाया गया है कि इन्होंने अवैध धंधे में लिप्त होकर करोड़ों रुपए की संपत्ति जुटाई है। इनमें फ्लैट, मकान और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। कई मामलों में इन महिलाओं ने अपने पति, पिता, भाई या बेटों के एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार होने के बाद कारोबार संभाला। उन्होंने पहले से मौजूद सप्लाई और ग्राहक नेटवर्क की जानकारी हासिल कर काम आगे बढ़ाया। कुछ महिलाएं छोटी टीम बनाकर अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटती थीं।
इस साल 22 जून को पारो (28), उषा (25) और कांता (35) को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक इन बहनों ने करीब दो करोड़ रुपए की संपत्ति जमा की थी, जिसमें कई फ्लैट शामिल हैं। बचपन नशे के माहौल में बीतने और दिहाड़ी मजदूरी से शुरू करके वे इस कारोबार में शामिल हुईं। वहीं, तस्लीमा पुट्टी के पास कथित तौर पर दो करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति बताई गई है, जबकि कुसुम ने चार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जुटाई। कुसुम सुल्तानपुरी में बहुमंजिला इमारत से काम चलाती थी और उसके खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह कमाई को परिवार के खातों में छोटे-छोटे लेनदेन के जरिए ट्रांसफर करती थी।
ड्रग्स स्मगलिंग से हुई कमाई अक्सर बैंक खातों में नहीं रखी जाती। इसके बजाय सोना या अनौपचारिक तरीके से रियल एस्टेट में निवेश किया जाता है। स्लम इलाकों में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए संपत्ति खरीदने के उदाहरण भी सामने आए हैं। भलस्वा डेयरी से मजनूं का टीला तक फैले नेटवर्क में निगरानी और सूचना तंत्र का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बदलते स्वरूप से निपटने के लिए एंटी-नारकोटिक्स टीमों में ज्यादा महिला पुलिसकर्मियों को शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।


