श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए एआई तकनीक व डिजिटल शिकायत व्यवस्था लागू
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ बुधवार को झारखंड सीमा स्थित दुम्मा कांवरिया पथ से किया गया। नगर विकास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार और ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने संयुक्त रूप से मेले का उद्घाटन किया। शुभारंभ से पहले 11 वैदिक पुरोहितों ने बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा-अर्चना कर मेले की मंगलकामना की। उद्घाटन समारोह में देवघर विधायक सुरेश पासवान, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कांवरियों की सेवा ही शिव की सेवा : सुदिव्य कुमार
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक कांवरिया की सेवा भगवान शिव की सेवा के समान है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम जलार्पण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पहली बार भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आधारित प्रणाली लागू की गई है। साथ ही क्यूआर कोड आधारित डिजिटल शिकायत निवारण व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे श्रद्धालु किसी भी समस्या की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। सरकार का लक्ष्य हर वर्ष मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और जनहितैषी बनाना है।
देवघर पूरी तरह तैयार, सभी श्रद्धालुओं का स्वागत : दीपिका पांडेय सिंह
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बाबा नगरी देवघर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अधिकारियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयास से इस वर्ष का श्रावणी मेला ऐतिहासिक और सफल बनेगा। उन्होंने कहा कि हर श्रद्धालु यहां से सुखद अनुभव लेकर अपने घर लौटे, यही सरकार और प्रशासन का उद्देश्य है।
एआई निगरानी, फेस रिकग्निशन और 15 मिनट में शिकायत समाधान
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूरे मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार एएनपीआर कैमरे, फेस रिकग्निशन सिस्टम और हेडकाउंट कैमरों की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु मेला क्षेत्र में कहीं भी समस्या होने पर क्यूआर कोड स्कैन कर फोटो के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे। प्रशासन का लक्ष्य 15 मिनट के भीतर शिकायत का समाधान करना है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
शिवलोक परिसर में प्रदर्शनी और ड्रोन शो रहेगा आकर्षण
उपायुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं को नया अनुभव देने के लिए शिवलोक परिसर में भव्य प्रदर्शनी और सांस्कृतिक मंच तैयार किया गया है। श्रावणी मेले के दौरान ड्रोन शो का भी आयोजन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगा।
वीआईपी और आउट ऑफ टर्न दर्शन पूरी तरह बंद
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूरे श्रावणी मेला अवधि में वीआईपी, वीवीआईपी तथा आउट ऑफ टर्न दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी। सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था लागू रहेगी। समारोह के अंत में उप विकास आयुक्त पियुष सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


