दुमका। सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में व्याप्त शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव राहुल पुरवार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमन शाह ने विश्वविद्यालय प्रशासन, विशेषकर परीक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी परीक्षा नियंत्रक अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और छात्रों के साथ उनका व्यवहार भी बेहद अनुचित है। परीक्षा और परिणामों को लेकर हजारों छात्रों को हो रही परेशानी का हवाला देते हुए उन्होंने मांग की कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में छात्र हितों से जुड़ी कुल 16 प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें सेमेस्टर परीक्षा और परिणाम प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाना, 60 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों को प्रशासनिक पदों से मुक्त करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, और विश्वविद्यालय के फिक्स्ड डिपॉजिट व उसके ब्याज के उपयोग की उच्च स्तरीय वित्तीय जांच शामिल है।
इसके अलावा, सभी महाविद्यालयों में नियमित प्राचार्यों की नियुक्ति करने, विश्वविद्यालय में लॉ की पढ़ाई शुरू करने, आदित्य नारायण कॉलेज में शिक्षकों की उपस्थिति और रिक्त पदों की जांच करने, ओबीसी और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नए छात्रावास का निर्माण, स्नातक की सीटों को पूर्ववत बहाल करने, जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने और पीएचडी परिणामों से जुड़ी शिकायतों के समाधान की भी पुरजोर मांग उठाई गई है।
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार को सख्त चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है, तो संगठन आगामी दीक्षांत समारोह के दौरान परिसर में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की होगी, क्योंकि छात्रों के अधिकारों और विवि की शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने और प्रदर्शन के दौरान दुमका-साहिबगंज के विभाग संगठन मंत्री हिमांशु दुबे के साथ-साथ आदित्य जोशी, ईशा सिंह, संदीप सिंह, सौम्या, चयन चक्रवर्ती, हेमंत राय, कान्हू हेम्ब्रम, विकास भगत, उत्तम मंडल, अमन सेन, अनुप दत्ता, आदित्य राज, मदन पाल, सुनीता कुमारी, अंजली कुमारी, हेमंत कुमार और विकास सोरेन सहित कई अन्य कार्यकर्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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