एक्सपट्र्स सवाल तैयार तो करेंगे, पर पता नहीं होगा किस एग्जाम के लिए किया
नई दिल्ली । नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और सीबीएसई की मार्किंग गड़बडिय़ों के बाद सरकार परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, एनटीए ऐसा नया सिस्टम बनाने पर काम कर रही है, जिसमें सवाल तैयार करने वाले एक्पट्र्स को भी पता नहीं होगा कि वह किस एग्जाम के क्वेश्चन पेपर बना रहे हैं। नई योजना के तहत अलग-अलग विषयों के एक्सपट्र्स केवल सवाल तैयार करेंगे। इन सवालों को एक बड़े डिजिटल बैंक में रखा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इसमें करीब 10 हजार सवाल हो सकते हैं। बाद में टेक्नीक की मदद से इन सवालों से फाइनल एग्जाम पेपर तैयार होगा।
एनटीए से जुड़े अधिकारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि पूरे प्रश्नपत्र की जानकारी बहुत कम लोगों तक पहुंचे। सिस्टम को लोगों पर नहीं, प्रोसेस पर भरोसा करना चाहिए। पेपर लीक मामले में ट्रांसलेशन करने वालों की गिरफ्तारी के बाद एनटीए ट्रांसलेशन प्रोसेस में भी बदलाव करना चाहती है। एजेंसी पहले ही सुप्रीम कोर्ट को बता चुकी है कि वह करीब 85 प्रतिशत ट्रांसलेशन का काम एआई से कराने की योजना बना रही है। इसके बाद एक्सपट्र्स सिर्फ यह जांचेंगे कि ट्रांसलेशन सही हुआ या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि कोशिश यह भी रहेगी कि ट्रांसलेशन करने वालों को यह जानकारी न हो कि वे किस परीक्षा के सवाल देख रहे हैं। वहीं, एनटीए इस समय 21 जून को होने वाले नीट-यूजी री-टेस्ट की तैयारी भी कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ बदलाव अभी से लागू किए जा चुके हैं। इसके तहत नए सब्जेट एक्सपट्र्स को जोड़ा गया है। साथ ही पेपर छपने के बाद उसके ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज सिस्टम को और सुरक्षित बनाने पर भी काम चल रहा है।


