देवघर। जिले के सरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी में एक प्रसूता की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उपरबहियारी गांव की गर्भवती महिला को 3 जून को प्रसव के लिए दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल लाया गया था। करीब 1:15 बजे उसका प्रसव कराया गया, लेकिन प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, देवघर रेफर कर दिया गया। रेफर किए जाने के करीब एक घंटे बाद प्रसूता की मौत की सूचना मिलने पर परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे तथा अस्पताल परिसर के बाहर हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
मामले की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाकर शांत कराया। वहीं घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने जारी आदेश में ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही का उल्लेख करते हुए एएनएम रिंकु मंडल और रीमा वृसि को तत्काल प्रभाव से प्रसव कक्ष के कार्य से मुक्त कर दिया है। साथ ही रिंकु मंडल को स्वास्थ्य उपकेंद्र, दुबजोरा और रीमा वृसि को बनवरिया में अगले आदेश तक प्रतिदिन उपस्थित रहकर कार्य करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


